मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जहाँ शुरू हुई टूरिज्म हेलीकॉप्टर सेवा

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जहाँ शुरू हुई टूरिज्म हेलीकॉप्टर सेवा
– 20 नवंबर से नियमित रूप से दौड़ेगी पीएम हेली पर्यटन सेव
भोपाल यशभारत। मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा 20 नवंबर से नियमित रूप से शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर इसका शुभारंभ किया था। इस नई हेली सेवा के माध्यम से प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने अंतरराज्यीय टूरिज्म हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत की है। प्रमुख तीर्थ, प्राकृतिक धरोहर, वन्यजीव और हेरिटेज स्थलों को तेज, सुगम और सुरक्षित हवाई संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से इसे आध्यात्मिक, इको टूरिज्म और वाइल्डलाइफ़ तीन प्रमुख सेक्टरों में संचालित किया जाएगा।
इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन अब महज 20.40 मिनट की उड़ान में संभव होंगे। वहीं राजधानी भोपाल से पचमढ़ी तक की यात्रा भी केवल एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। यात्रियों के समय की बचत के साथ यह सेवा उच्च गुणवत्ता वाली, सुरक्षित और किफायती हवाई यात्रा का अनुभव देगी।
पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा ऐतिहासिक कदम
पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा प्रदेश के पर्यटन विकास में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल पर्यटकों को तेज और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराएगी, बल्कि राज्य में निवेश, रोजगार और नई पर्यटन सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आध्यात्मिक, प्राकृतिक, वेलनेस और वन्यजीव आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, इसलिए यह सेवा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
हवाई नेटवर्क से जोड़ते हुए यात्रा को सहज बनाएगी
अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह सेवा प्रमुख आध्यात्मिक, वन्यजीव, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को एकीकृत हवाई नेटवर्क से जोड़ते हुए यात्रा को बेहद सहज बनाएगी। किफायती किराए और कम समय में गंतव्य तक पहुँचने की सुविधा इसे भारतीय पर्यटन में एक नए मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।
उज्जैन ओंकारेश्वर अब कुछ ही मिनटों की दूरी
आध्यात्मिक सेक्टर में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर मार्ग शामिल है। इंदौर उज्जैन की 20 मिनट की उड़ान का किराया 5,000, जबकि उज्जैन ओंकारेश्वर की 40 मिनट की उड़ान का किराया 6500 रखा गया है। ओंकारेश्वर से इंदौर वापसी का किराया 5500 होगा। इससे श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर सकेंगे।
भोपाल से मढ़ई और पचमढ़ी तक तेज हवाई संपर्क
इस सेक्टर में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी मार्ग को जोड़ा गया है। भोपाल से मढ़ई तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 4000 और मढ़ई से पचमढ़ी तक 20 मिनट की उड़ान का किराया 3000 तय किया गया है। इसके अलावा भोपाल से पचमढ़ी तक सीधे एक घंटे की उड़ान भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया 5000 होगा। पचमढ़ी में जॉय राइड की सुविधा भी रहेगी।
कान्हा बांधवगढ़ अब और करीब
वाइल्डलाइफ़ सेक्टर में जबलपुर से मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़ और अमरकंटक को जोड़ा गया है। इसमें किराए 2500 से 6250 तक रखे गए हैं। इससे वन्यजीव पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। पहले से संचालित पीएमश्री वायु पर्यटन सेवा के तहत भोपाल से सतना, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो की हवाई सुविधा अब और सुलभ हो गई है। यह क्षेत्रीय पर्यटन, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को मजबूती दे रही है।







