कटनी

66 समूहों ने नहीं उठाया खाद्यान्न

एमडीएम की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

66 समूहों ने नहीं उठाया खाद्यान्न

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कलेक्टर ने लंबित मामलों पर मांगी जवाबदेही, जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित स्कूल निरीक्षण और समय पर खाद्यान्न उठाव सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश

कटनी, यशभारत। स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को लेकर जिला पंचायत की समीक्षा बैठक में गंभीरता दिखाई गई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि 66 स्व-सहायता समूहों द्वारा अब तक खाद्यान्न का उठाव नहीं किया गया है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए संबंधित समूहों से समय पर खाद्यान्न उठवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन मिले, इसके लिए केवल कागजी निगरानी पर्याप्त नहीं है।अधिकारी नियमित रूप से शालाओं का निरीक्षण करें और भोजन की गुणवत्ता, व्यवस्था तथा संचालन की वास्तविक स्थिति देखें।
बैठक में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत एमडीएम संचालित करने वाले स्व-सहायता समूहों के एनआरएलएम पंजीयन की भी समीक्षा हुई। ढीमरखेड़ा और विजयराघवगढ़ में लंबित पंजीयन प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए। खाद्यान्न उठाव नहीं करने वाले 66 समूहों को लेकर भी संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट कराते हुए समय पर उठाव सुनिश्चित कराने को कहा गया।

बच्चों के भोजन में लापरवाही पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश

मध्यान्ह भोजन सीधे स्कूली बच्चों के पोषण से जुड़ा विषय है। ऐसे में खाद्यान्न का समय पर उठाव नहीं होना और भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी नहीं होना व्यवस्था की गंभीर कड़ी बन सकता है। इसी को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों से मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने को कहा।

कलेक्टर आशीष तिवारी ने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के लंबित प्रकरणों का तीन दिन में निराकरण करने के निर्देश दिए। पुराने मामलों में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने को कहा गया।
व्हीबी-जीरामजी योजना में कम श्रमिक नियोजन पर भी अधिकारियों को चेतावनी दी गई। विजयराघवगढ़ के सहायक यंत्री अरुण चतुर्वेदी को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि एपीओ को निष्क्रिय ग्राम पंचायतों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा में अधूरे आवासों को पूरा कराने के लिए सेक्टर सुपरवाइजरों को एक सप्ताह का समय दिया गया। बैठक में नल-जल योजनाओं के विद्युत बिल, जलकर वसूली, स्वच्छ भारत मिशन, वाटरशेड और लंबित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी सहित जनपद पंचायतों के सीईओ, सहायक यंत्री, उपयंत्री, एपीओ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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