पहलगाम हमले की पहली बरसी पर छावनी बनी कश्मीर घाटी
पीएम मोदी का प्रण, बोले- आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा भारत

नई दिल्ली, यशभारत। आज के दिन ठीक एक साल पहले कश्मीर की वादियों में जो खौफनाक मंजर देखा गया था, उसने न केवल घाटी को बल्कि पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया था। आज जब हम उस घटना की पहली बरसी पर खड़े हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संदेशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब किसी भी कायराना हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की खूबसूरत वैसरन घाटी में उस दिन सैलानियों की चहल-पहल थी और लोग कश्मीर की सुंदरता का आनंद ले रहे थे। अचानक पहायों के बीच से निकली गोलियों की गड़गड़ाहट ने सब कुछ बदल कर रख दिया। आतंकियों ने उस दिन जिस तरह की बर्बरता दिखाई, वह सुनकर आज भी रूह कांप जाती है। आतंकवादियों ने वहां मौजूद मासूम सैलानियों से उनके नाम और उनका धर्म पूछा और फिर महिलाओं और बच्चों के सामने ही निर्दोष लोगों पर गोलियां बरसा दीं। इस हमले में कुल 26 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
आज जब देश उन मासूमों को याद कर रहा है जिन्होंने अपनी जान गंवाई, तब पूरी घाटी को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा बल किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नाहीं है और चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती कर दी गई है। आतंकी हमले की पहली बरसी को देखते हुए पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठनों की सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से उन पर्यटन स्थलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है जिन्हें पिछले साल के हमले के बाद अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था।
पीएम मोदी ने जान गंवाने वालों को किया याद
हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जान गंवाने वालों को याद किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मेडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उन बेगुनाहों के परिवारों का दुःख कम नहीं किया जा सकता लेकिन पूरा देश उनके साथ खड़ा है। मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि उन मासूमों को कमी भुलाया नहीं आएगा। उन्होंने अपने संदेश में दुनिया को यह भी संकेत दिया कि भारत अतंकवाद के किसी भी रूप के सामने कभी सिर नहीं झुकाएगा। यहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उपती झांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत इन जख्मों को कभी नहीं भूलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर और महादेव से लिया गया पूरा बदला
जब पूरा देश उस हमले के गम में दूबा था, तब भारतीय सेना और सरकार चुप नहीं बैठी थी। आतंकियों को उनकी ही भाषा में जवाब देने के लिए तुरंत ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने सीमा पार पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के नौ ठिकानों को ढूंढ निकाला और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई में डेरों आतंकवादी मारे गए थे। पहला बयान कुछ हदें कभी नाहीं लागनी चाहिए। भारत कुछ नहीं भूला। जब इंसानियत की हदें पार की जाती हैं, तो मुंहतो? जवाब दिया जाता है। न्याय हो चुका है। भारत एकजुट है। दूसरा बयान- भारत के खिलाफ किए गए हर कृत्य का जवाब मिलना तय है। न्याय जरूर मिलेगा। हमेशा मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर जारी है।







