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जबलपुर: पाटन के तेजस वेयरहाउस में अमानक मूंग जब्त, किसानों को लौटाई गई लाखों की फसल

 

 

जबलपुर,  जबलपुर के पाटन विकासखंड में स्थित तेजस वेयरहाउस में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुणवत्ता मानकों पर खरी न उतरने वाली (नॉन-FAQ) मूंग को जब्त कर संबंधित किसानों को वापस भेज दिया है। शिकायत मिलने के बाद दो चरणों में किए गए निरीक्षण के दौरान, वेयरहाउस के भीतर रखी मूंग की गुणवत्ता में गंभीर खामियां पाई गईं, जिससे हजारों क्विंटल फसल का भविष्य अधर में लटक गया था।

 

शिकायत पर त्वरित कार्रवाई: दो दिवसीय निरीक्षण

 

मामला तब सामने आया जब कृषि विभाग को नॉन-FAQ मूंग को वेयरहाउस के भीतर रखे जाने की शिकायत मिली। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, उप संचालक कृषि डॉ. एस.के. निगम के तत्काल निर्देश पर, अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी और सहायक संचालक कृषि रवि आम्रवंशी ने शनिवार को जरोंद गांव स्थित तेजस वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया।

शनिवार को प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान, टीम ने वेयरहाउस के अंदर सात ढेर और ग्यारह ट्रैक्टर-ट्रॉली मूंग रखी हुई पाई। कृषि अधिकारियों ने तभी यह स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सोमवार को होने वाली खरीद प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक और सर्वेयर की उपस्थिति अनिवार्य होगी। साथ ही, यह भी हिदायत दी गई थी कि केवल FAQ (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानकों पर खरी उतरने वाली मूंग को ही खरीदा जाएगा।

 

गुणवत्ता परीक्षण में पाई गई भारी खामी

 

सोमवार को, अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन और सहायक संचालक कृषि ने एक बार फिर तेजस वेयरहाउस का दौरा किया। इस बार, उन्होंने सबसे पहले मूंग के स्लॉट बुकिंग के दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके उपरांत, सर्वेयर की मौजूदगी में वेयरहाउस में रखी गई मूंग का विस्तृत गुणवत्ता परीक्षण करवाया गया।

परीक्षण के चौंकाने वाले नतीजों में सामने आया कि दो छोटे ढेर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली मूंग निर्धारित FAQ मानकों पर खरी नहीं उतरी, यानी वह नॉन-FAQ पाई गई। यह एक गंभीर उल्लंघन था, क्योंकि सरकारी खरीद में केवल मानक गुणवत्ता वाली उपज ही स्वीकार की जाती है।

 

अमानक फसल वापस, पारदर्शी खरीद सुनिश्चित

 

गुणवत्ता परीक्षण में अमानक पाए जाने के तुरंत बाद, कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए नॉन-FAQ मूंग को ऑनलाइन रिजेक्ट कर दिया और उसे तत्काल संबंधित किसानों को वापस करवा दिया गया। इस कार्रवाई से लाखों रुपये की अमानक फसल की खरीद रुक गई।

वहीं, वेयरहाउस में रखी गई शेष मूंग, जो FAQ गुणवत्ता की पाई गई, उसकी तुलाई का काम शुरू कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई न केवल किसानों को गुणवत्तापूर्ण उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। कृषि विभाग की इस सख्ती से भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।

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