विज्ञापन के चक्कर में घड़ी चौक की पहचान गुम, शहर में फ्लेक्स और बैनरबाज़ी से बिगड़ रही तस्वीर

जबलपुर यशभारत। शहर की पहचान माने जाने वाले स्थान अब विज्ञापनबाजी की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। विजयनगर स्थित प्रसिद्ध घड़ी चौक इसका ताज़ा उदाहरण बन गया है, जहां लगी बड़ी घड़ी अब दिखाई ही नहीं दे रही। एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने चौक के चारों ओर अपने प्रचार फ्लेक्स इस तरह लगा दिए हैं कि घड़ी पूरी तरह ढक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर में जहाँ देखो वहाँ नेताओं के पोस्टर, व्यापारिक विज्ञापन और आयोजन के बैनर सार्वजनिक स्थलों पर टंगे नजर आते हैं। रोटरी, एंट्री गेट, पार्क, यहाँ तक भी कि महापाले की प्रतिमाओं के आसपास न सिर्फशहर की सुंदरता और ऐतिहासिक पहचान धुंधली पड़ रही है, बल्कि नागरिकों में नाराज़गी भी बढ़ रही है। आश्चर्य की बात यह है कि नगर निगम और प्रशासन इस अव्यवस्था पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है, तो फिर ऐसे अनधिकृत विज्ञापनों पर रोक क्यों नहीं लगाई जा रही। नागरिकों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो स्मार्ट सिटी का सपना केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा । अब ज़रूरत है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए ऐसे स्थलों को नो फ्लेक्स जोन घोषित करे और दोषियों पर कार्रवाई करे, ताकि जबलपुर अपनी असली पहचान वापस पा सके।







