
लेखक,{आकाश पांडेय} जबलपुर, यश भारत । शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र सिविक सेंटर में बार-बार हो रहा अस्थायी अतिक्रमण और खुलेआम मांस-मछली का व्यापार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। नगर निगम द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने के बावजूद कुछ ही दिनों में ठेले-टपरे दोबारा सड़क किनारे सज जाते हैं।
इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र की स्वच्छता और आम नागरिकों की सुविधा पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई केवल कुछ घंटों या कुछ दिनों तक ही असर दिखाती है। इसके बाद पहले जैसी स्थिति बन जाती है। सड़कों पर दोबारा अतिक्रमण होने से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को रोजाना जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। वहीं खुले में मांस-मछली की बिक्री को लेकर भी लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सरकार के नियमों के बावजूद इस तरह का व्यापार खुलेआम जारी है, जिससे आसपास का वातावरण और स्वच्छता प्रभावित होती है।

निगरानी की कमी बन रही बड़ी वजह
जानकारों का मानना है कि नगर निगम की कार्रवाई के बाद लगातार निगरानी नहीं होने के कारण अतिक्रमण करने वाले दोबारा उसी स्थान पर कब्जा जमा लेते हैं। वहीं ठेला व्यापारियों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन नहीं होने से वे मुख्य मार्गों पर दुकानें लगाने को मजबूर होते हैं।
इनका कहना है
सिविक सेंटर में दोबारा हो रहे अतिक्रमण को गंभीरता से लिया गया है। अतिक्रमण विभाग को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है और जल्द ही बड़े स्तर पर अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि दोबारा इस तरह की स्थिति पैदा न हो।
राजेंद्र दुबे, बाजार प्रभारी
स्वास्थ्य अधिकारी ने भी दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश कहा कि खुले में मांस-मछली की बिक्री और अवैध रूप से लगाए जा रहे ठेले-टपरों को जल्द हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसी कार्रवाई की जाएगी जिससे दोबारा सड़क किनारे दुकानें न लग सकें और शहर की व्यवस्था तथा स्वच्छता दोनों बनाए रखी जा सके।
अभिनव मिश्रा
नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी (जेएमसी)







