ED की बड़ी कार्रवाई: जबलपुर कई कांट्रैक्टर्स छापा, भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त

भोपाल/जबलपुर/रीवा।
मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे और निर्माण कार्यों (इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन) से जुड़े बड़े ठेकेदारों पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) का बड़ा डंडा चला है। भोपाल ED की टीमों ने बिटूमन (डामर) से संबंधित सरकारी कार्यों में हुई भारी गड़बड़ी और वित्तीय हेराफेरी की जांच के सिलसिले में प्रदेश के कई बड़े शहरों में एक साथ अलसुबह दबिश दी। समाचार लिखे जाने तक ED की छापेमारी की कार्रवाई लगातार जारी थी और संबंधित कांट्रैक्टर्स के बयान दर्ज किए जा रहे थे।
सुबह-सुबह नींद खुलते ही सामने खड़ी थी ED
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल ED की अलग-अलग टीमों ने आज सुबह बेहद गोपनीय तरीके से शहर के नामी कांट्रैक्टर्स के ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से ठेकेदारों और उनके करीबियों में हड़कंप मच गया। टीमों ने कांट्रैक्टर्स के घरों और दफ्तरों को अपने घेरे में ले लिया और छानबीन शुरू की। शुरुआती जांच में ही टीमों के हाथ कई महत्वपूर्ण और संदेहास्पद दस्तावेज लगे हैं, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया है।
रीवा और जबलपुर में भी ताबड़तोड़ छापेमारी
ED की टीमों ने जबलपुर और विंध्य क्षेत्र के रीवा में भी बड़े पैमाने पर छापे मारे हैं। रीवा और जबलपुर में कंस्ट्रक्शन और सड़क निर्माण के बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़े रसूखदार लोगों के ठिकानों पर जांच चल रही है। हालांकि, जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए अभी तक आधिकारिक तौर पर कांट्रैक्टर्स के नामों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ये सभी प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के नामी चेहरे हैं।
अरबों रुपये के गबन और गड़बड़ी उजागर होने की आशंका
यह पूरी कार्रवाई सरकारी सड़कों और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले बिटूमन (डामर) की खरीदी और उसमें हुए फर्जीवाड़े को लेकर की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि डामर की सरकारी सप्लाई और कंस्ट्रक्शन वर्क्स में बड़े पैमाने पर कागजी हेरफेर कर करोड़ों-अरबों रुपये का गबन किया गया है।







