लावारिस मिली मासूम से खुला मानव तस्करी का बड़ा राज

लावारिस मिली मासूम से खुला मानव तस्करी का बड़ा राज
– बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश
भोपाल, यश भारत। बच्चों की खरीद फरोख्त करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह संगठित रूप से बच्चों का अपहरण करता था और उसके बाद मोटी रकम लेकर बेच देता था। श्योपुर जिले में एक लावारिस मिली मासूम बच्ची के मामले में जांच के दौरान मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क की परतें खुल गईँ। पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह से जुड़ी एक महिला आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 18 अप्रैल को मानपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-552 पर सोईकलां के पास करीब दो साल की एक बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू की गई।
जन्म के बाद ही मां से अलग कर दी गई थी बच्ची
जांच में सामने आया कि बच्ची को वर्ष 2024 में जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी असली मां से अलग कर दिया गया था। इसके बाद धार और खरगोन के बिचौलियों के माध्यम से बच्ची को इंदौर की एक ब्यूटी पार्लर संचालिका के पास पहुंचाया गया। वहां से इस मासूम का सौदा आगे किया गया। पुलिस जांच में पता चला कि इंदौर के दंपती ने बच्ची को राजगढ़ के एक दंपती को एक लाख रुपये में बेच दिया था। इस दंपती ने करीब दो साल तक बच्ची को अपने पास रखा, लेकिन बाद में उसे श्योपुर के पास सुनसान इलाके में छोड़ दिया।
सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड से जुड़ी कडिय़ां
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेन-देन की बारीकी से जांच की। इन सुरागों के आधार पर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से बच्चों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय हो सकता है।
अस्पतालों के रिकॉर्ड और डीएनए जांच शुरू
पुलिस अब नवंबर 2024 के आसपास हुए जन्म के मामलों से जुड़े अस्पतालों और क्लीनिकों के रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि बच्ची की असली पहचान का पता लगाया जा सके। इसके लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने बच्चों की खरीद-फरोख्त की है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।







