सोशल मीडिया पर कोड वर्ड के जरिए होती थी ड्रग्स डील

सोशल मीडिया पर कोड वर्ड के जरिए होती थी ड्रग्स डील
– कुख्यात ड्रग्स तस्कर दिल्ली से भोपाल भेजता था खेप
भोपाल यशभारत। राजधानी भोपाल के चर्चित ड्रग्स मामले को लेकर नया खुलासा हुआ है। मछली गैंग को ड्रग्स की खेप की सप्लाई दिल्ली से मिलती थी। दिल्ली का रहने वाला विशाल उर्फ बादल अरोरा मछली गैंग के गुर्गों को ड्रग्स की खेप भेजता था। यही खेप शहर के पब में युवाओं को दी जाती थी। ड्रग्स की खेप का आर्डर सोशल मीडिया के जरिए विशेष कोड के माध्यम से की जाती थी।
क्राइम ब्रांच टीम ने यासीन, अंशुल और बादल के मोबाइल की जांच की है जिसमें ड्रग्स की खेप को लेकर चैट सामने आई है। छह माह में दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजेक्शन भी किए गए हैं। यासीन ने पुलिस को बताया कि वह अंशुल उर्फ भूरी को ड्रग्स की खेंप लाने के लिए भेजता था। अंशुल यह खेंप विशाल उर्फ सावन अरोरा (दिल्ली) से लाता था।
पूरी डील सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही कन्फर्म की जाती थी। अंशुल का साथी अमन भी ड्रग्स लाने में मदद करता था। जांच में पाया गया कि यासीन, अंशुल, विशाल और अमन के बीच बैंक ट्रांजेक्शन के अलावा फोन पर कई बार बातचीत भी हुई। विशाल फिलहाल फरार चल रहा है।
इस मामले में सैफुद्दीन, शाहरुख, यासीन मछली, शाहवर मछली, अंशुल, बेंचामत (नाइजीरियन), ओविन्ना (नाइजीरियन), अमन, लारिब उर्फ बच्चा, शाकिर के खिलाफ चालान 15 सितंबर को कोर्ट में पेश किया है। इन आरोपियों के खिलाफ 6 अक्टूबर को आरोप तय करने पर बहस होगी। गिरफ्तारी और जांच के दौरान सभी आरोपियों की कॉल डिटेल्स क्राइम ब्रांच ने निकाली, जिससे नेटवर्क और आपसी कनेक्शन का पता चला।
भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेटवर्क के सभी तारों की जांच जारी रखी है। मामले की आगे की सुनवाई और आरोप तय होने के बाद पूरे नेटवर्क के बारे में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







