जानते नहीं हो, वर्दी उतरवा दूंगा… भोपाल में नो पार्किंग से गाड़ी हटाने पर पुलिस को सरेआम धमकी

जानते नहीं हो, वर्दी उतरवा दूंगा… भोपाल में नो पार्किंग से गाड़ी हटाने पर पुलिस को सरेआम धमकी
बिना चालान के छूटी रसूखदारों की गाड़ी, कर्फ्यू वाली माता मंदिर के सामने का मामला
सड़कों पर खाकी बेअसर: आए दिन चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस से हो रही बदसलूकी
भोपाल, यश भारत। राजधानी की सड़कों पर कानून का खौफ किस कदर खत्म हो चुका है और वीआईपी कल्चर किस तरह हावी है, इसका एक ताजा और हैरान करने वाला नजारा बुधवार रात पुराने शहर के कर्फ्यू वाली माता मंदिर के सामने देखने को मिला। यहां नो पार्किंग जोन में खड़ी एक कार को हटाने के लिए जब ऑन-ड्यूटी ट्रैफिक पुलिस के एएसआई आर. सी. यादव ने कहा, तो कार सवार युवक और महिला उल्टे पुलिस पर ही लाल-पीले हो गए। युवक ने अपनी धौंस जमाते हुए बीच सड़क पर सरेआम पुलिस को धमकी दे डाली कि जानते नहीं हो, वर्दी उतरवा दूंगा।
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और ऑन-ड्यूटी स्टाफ को सरेराह धमकी देने के बावजूद, पुलिस ने रसूख के आगे घुटने टेक दिए। कानून का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस बैकफुट पर आ गई और बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए या चालान काटे ही उस गाड़ी को मौके से ससम्मान जाने दिया गया। यह घटना अब शहर में कौतूहल और आक्रोश का विषय बनी हुई है कि क्या नियम-कायदे सिर्फ आम जनता की जेब काटने के लिए हैं?
सॉफ्ट टारगेट बनी खाकी, रोज के विवाद से बच रहा मैदानी अमला
यह कोई पहली घटना नहीं है। भोपाल के प्रमुख चौराहों पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और रसूखदारों द्वारा धौंस दिखाना अब आम बात हो चुकी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो वीआईपी कल्चर और राजनीतिक रसूख का हवाला देने वाले लोगों से उलझने के बजाय अब मैदानी अमला सॉफ्ट अप्रोच अपना रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों से उचित और कड़ा संरक्षण न मिलने के कारण मैदानी स्टाफ का मनोबल लगातार गिर रहा है। सरेआम वर्दी उतरवाने की धमकी मिलने के बाद भी बिना चालान गाड़ी छोड़ देना यह साफ साबित करता है कि शहर की सड़कों पर नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं, रसूखदारों के आगे खाकी आज भी बेअसर और लाचार दिखाई देती है।
जांच के बाद लिया जाएगा एक्शन: एसीपी ट्रैफिक
एसीपी ट्रैफिक विजय दुबे का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस के साथ हुई बदसलूकी का एक वीडियो सामने आया है। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर एक्शन लिया जाएगा। अब देखना यह है कि ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी का मनोबल गिराने वाले इन रसूखदारों पर भोपाल पुलिस कोई कार्रवाई कर पाती है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।






