व्यवसायियों का फूटा गुस्सा उत्पीड़न रोकने और अधिकार दिलाने की मांग, निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

व्यवसायियों का फूटा गुस्सा उत्पीड़न रोकने और अधिकार दिलाने की मांग, निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
भोपाल यश भारत। राजधानी भोपाल में जलजीरा, नींबू शिकंजी और अन्य पेय पदार्थ बेचकर जीवन यापन करने वाले ठेला व्यवसायियों ने नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। पूर्व जिला संगठन सचिव, कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के नेतृत्व में व्यवसायियों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर उत्पीड़न रोकने और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के पालन की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम का अतिक्रमण अमला बिना किसी पूर्व सूचना के ठेले हटाता है, सामान जब्त करता है और कई मामलों में अभद्र व्यवहार एवं मारपीट तक की घटनाएं सामने आती हैं। इससे गरीब वर्ग से जुड़े इन व्यवसायियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आत्मदाह की घटना ने बढ़ाया आक्रोश , ज्ञापन में 12 अप्रैल 2026 को हुई एक दर्दनाक घटना का भी उल्लेख किया गया है जिसमें अतिक्रमण कार्रवाई से परेशान एक ठेला व्यवसायी ने खुद पर तेल डालकर आग लगा ली। उसका इलाज वर्तमान में जयप्रकाश अस्पताल में जारी है। पीड़ित की दो बेटियां हैं और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इस घटना के बाद ठेला व्यवसायियों में भारी रोष है।अवैध वसूली के आरोप , व्यवसायियों ने आरोप लगाया है कि शहर में रेड जोन होने के बावजूद गन्ना चर्खा संचालन की अनुमति धड़ल्ले से दी जा रही है और इसके एवज में अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है, जो गंभीर अनियमितता है। मुख्य मांगें , ठेला व्यवसायियों ने ज्ञापन के माध्यम से कई अहम मांगें रखीं, जिनमें , स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का सख्ती से पालन , पात्र व्यवसायियों का सर्वे कर वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी करना,
स्थायी वेंडिंग जोन निर्धारित करना ,
जब्त सामान बिना जुर्माने के वापस करना, आत्मदाह करने वाले पीड़ित को मुआवजा व इलाज का पूरा खर्च देने की मांग , दोषी अधिकारियों कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग , व्यवसायियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर और महापौर को भी भेजी गई है। ठेला व्यवसायियों का कहना है कि वे सम्मानपूर्वक रोजगार करना चाहते हैं और प्रशासन से न्याय की उम्मीद करते हैं







