‘बदलाव सबको चाहिए, काम किसी को नहीं’: कलेक्टर का आदेश निकला बेअसर, दफ्तरों से बाहर नहीं निकले साहब, बेटी की मौत के बाद पीड़ित पिता अनशन पर

रीवा। कल्पना मिश्रा की मौत के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। कल्पना के पिता सिरमौर चौराहा पर बैठे हुए हैं। वह अपने जिद पर अड़े हुए हैं। लगातार अस्पताल की बिगड़ी हालातों को लेकर लोगों का गुस्सा सामने आता रहा लेकिन सुधार नहीं हुआ। अब बेटी की मौत से आहत एक पिता आमरण अनशन पर बैठा है। कलेक्टर, एसपी, डिप्टी सीएम तक उन्हें मनाने की कोशिश कर चुके है। वह नहीं मानें। कलेक्टर भी गए थे। उन्होंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। समझाने की कोशिश भी की लेकिन पिता नहीं मानें। कलेक्टर वैसे ही जनता की मदद के लिए जाने जाते हैं। उनकी सेवा से ही प्रदेश में नाम हुआ। उनकी भी बात पिता ने नहीं मानीं।
लगातार अस्पताल में कोई न कोई कांड हो ही रहा है। यही वजह है कि संजय गांधी अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी और जीएमएच में फिर कल्पना मिश्रा जैसा कांड न हो, इसकी निगरानी के लिए कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तैनात कर दी है। इसमें आईएएस से लेकर एसडीएम तक को दिन दिया गया है। तय दिन में सभी अधिकारी अस्पताल जाएंगे। निरीक्षण करेंगे और रिपोर्ट तथ्यों के साथ कलेक्टर को देंगे। कलेक्टर ने 3 सितंबर 2026 को आदेश जार किया था। इसके बाद से सभी को अपने तय दिन में अस्पताल का निरीक्षण करना था। हालांकि उनका आदेश भी कोरा ही निकला। कोई भी अपनी जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है। सिर्फ एसडीएम अस्पताल गए थे। उन्होंने ही निरीक्षण किया। शेष अधिकारी आफिस से अस्पताल तक नहीं पहुंचे। कुल मिलाकर सब का हाल एक जैसा है। बदलाव तो सभी चाहते हैं लेकिन काम कोई नहीं करना चाहता। डॉक्टरों के जैसा हाल प्रशासनिक अधिकारियों का भी है।
किस दिन किसकी लगाई गई है ड्यूटी
अधिकारी दिवस
अनुराग तिवारी, एसडीएम हुजूर सोमवार
जीतेन्द्र तिवारी, डिप्टी कलेक्टर मंगलवार
सपना त्रिपाठी, एडीएम बुधवार
सृष्टि देशमुख गोड़ा, सीईओ जिपं गुरुवार
अक्षत जैन, आयुक्त नगर निगम शुक्रवार
सुधीर कुमार बैक, संयुक्त कलेक्टर शनिवार







