आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों पर सख्ती, एक अक्टूबर से एनएबीएच प्रमाणपत्र जरूरी

आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों पर सख्ती, एक अक्टूबर से एनएबीएच प्रमाणपत्र जरूरी
भोपाल, यश भारत। आयुष्मान योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के अनुबंधित अस्पतालों को मेडिसिन पैकेज में मरीजों का उपचार जारी रखने के लिए नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स का अंतिम प्रमाणपत्र लेना होगा। अन्य पैकेज में संबद्धता के लिए भी कम से कम एंट्री लेवल एनएबीएच की शर्त लागू की जाएगी। नई व्यवस्था एक अक्टूबर से प्रभावी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने पहले एक अप्रैल से यह शर्त लागू करने की तैयारी की थी, लेकिन निजी अस्पताल संचालकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। इसके बाद अस्पतालों को छह महीने की मोहलत दी गई। नई व्यवस्था का उद्देश्य आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को बेहतर और मानकों के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराना है। प्रमाणन प्रक्रिया के जरिए अस्पतालों में उपचार व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।







