आरक्षण सामाजिक बराबरी का जरिया, इसे कोई खत्म नहीं कर सकता: उमा भारती

आरक्षण सामाजिक बराबरी का जरिया, इसे कोई खत्म नहीं कर सकता: उमा भारती
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदेशाह लोधी शौर्य यात्रा कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए आरक्षण आवश्यक है और इसे खत्म करना आसान नहीं है। उमा भारती ने कहा कि जब तक देश के सर्वोच्च पदों राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं करेंगे, तब तक वास्तविक समानता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस दिन शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के बच्चे भी आम नागरिकों के साथ सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, उसी दिन शिक्षा व्यवस्था और समाज में वास्तविक बदलाव दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत विभाजन और आर्थिक असमानता से प्रभावित रहा है। आरक्षण व्यवस्था इसी ऐतिहासिक असमानता को कम करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बराबरी केवल कानून बनाने से नहीं आएगी, बल्कि समाज के व्यवहार और सोच में बदलाव से आएगी। कार्यक्रम के दौरान उमा भारती का ढाल और तलवार भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित कई जनप्रतिनिधि और लोधी-लोधा समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।







