भोपालमध्य प्रदेश

आयुष्मान योजना में एआई की एंट्री, संदिग्ध दावों पर होगी डिजिटल निगरानी मरीज से अस्पताल और भुगतान तक हर स्तर पर होगी जांच, फर्जी बिल और अनियमितताओं पर लगेगी लगाम

AI introduced in Ayushman scheme; suspicious claims to undergo digital monitoring Scrutiny at every stage—from patient and hospital to payment—will curb fake bills and irregularities.

आयुष्मान योजना में एआई की एंट्री, संदिग्ध दावों पर होगी डिजिटल निगरानी

मरीज से अस्पताल और भुगतान तक हर स्तर पर होगी जांच, फर्जी बिल और अनियमितताओं पर लगेगी लगाम

भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत होने वाले उपचार और भुगतान की निगरानी अब तकनीक के जरिए और सख्त करने की तैयारी है। राज्य सरकार योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डाटा इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य संदिग्ध मरीजों फर्जी दावों और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों की पहचान समय रहते करना है। प्रस्तावित व्यवस्था में आयुष्मान योजना से जुड़े मरीजों अस्पतालों उपचार और भुगतान से संबंधित डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा। किसी दावे में असामान्य पैटर्न या नियमों से हटकर गतिविधि सामने आने पर सिस्टम संबंधित मामले को चिन्हित कर अलर्ट जारी कर सकेगा। इससे जांच एजेंसियों और योजना प्रबंधन को संदिग्ध मामलों की पड़ताल में मदद मिलेगी।

इलाज और दावे के बीच भी होगी पड़ताल

एआई सिस्टम के माध्यम से मरीज की पात्रता बीमारी भर्ती उपचार और अस्पताल द्वारा किए गए भुगतान दावे के बीच सामंजस्य की जांच की जा सकेगी। किसी अस्पताल में असामान्य संख्या में मरीजों के उपचार या बार बार संदिग्ध दावे सामने आने पर भी डाटा के आधार पर निगरानी की जा सकेगी। योजना में शामिल अस्पतालों के निर्धारित मापदंडों और उनकी कार्यप्रणाली का भी विश्लेषण किया जाएगा। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम निगरानी के लिए जरूरी मानक तैयार कर रही है। सरकार की कोशिश है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद योजना में होने वाली वित्तीय अनियमितताओं पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और पात्र मरीजों तक योजना का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button