भोपाल में विधायक पुत्र विवाद: अब पुलिस की भूमिका पर सवाल, कमिश्नर तक पहुंची शिकायत

भोपाल में विधायक पुत्र विवाद: अब पुलिस की भूमिका पर सवाल, कमिश्नर तक पहुंची शिकायत
कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज और लक्की यादव पक्ष में बढ़ा विवाद।
आरोपी पक्ष का आरोप- पुलिस कस्टडी में प्रभावशाली लोगों के दबाव में हुई बर्बरता।
पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश, कहा सच्चाई सामने आने पर विधायक पुत्र पर भी होगी कार्रवाई।
भोपाल, यशभारत। अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर के साथ हुई मारपीट के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से लिखित शिकायत कर आरोप लगाया है कि अरेरा हिल्स थाने के भीतर, पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उनके बेटों को बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे अधमरा हो गए।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोपी पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं, तो विधायक पुत्र देवराज गुर्जर और उनके साथियों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावशाली लोगों के दबाव में मूकदर्शक बनी रही पुलिस: आरोपी पक्ष
पुलिस कमिश्नर को सौंपी शिकायत में लक्की की मां ने आरोप लगाया कि 24 जून की रात को एमएलए रेस्ट हाउस के पास देवराज गुर्जर और उनके साथियों ने पहले उनके बेटों के साथ मारपीट की। इसके बाद जब मामला थाने पहुंचा, तो वहां भी राजनीतिक रसूख और दबाव का नंगा नाच देखने को मिला।
उनका आरोप है, थाने के अंदर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और देवराज व उसके दोस्तों ने मेरे बेटों को बर्बरता से पीटा। उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। राजनीतिक रसूख के कारण पुलिस हमारी सुनवाई नहीं कर रही थी, इसलिए हमें कमिश्नर की शरण में आना पड़ा।
विधायक पुत्र का दावा: पैसे नहीं देने पर घर में घुसकर किया हमला
दूसरी ओर, विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए घटनाक्रम को अलग मोड़ दिया है। देवराज के मुताबिक, 24 जून की रात करीब 12:30 बजे वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस की बालकनी में टहल रहे थे। तभी घर के सामने कुछ युवक शराब पी रहे थे।
जब देवराज ने उन्हें वहां से हटने को कहा, तो युवक गाली-गलौज करने लगे और जबरन घर की सीढ़ियों तक आ गए। आरोपियों ने उनसे शराब पीने के लिए पैसों की मांग की और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट व छीनाझपटी शुरू कर दी। देवराज ने बताया कि उनके शोर मचाने पर उनके दोस्त हर्ष, मान और सौरभ बकोरिया मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। जाते समय आरोपियों ने उन्हें अगली बार देख लेने की धमकी भी दी।
बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज, सीसीटीवी खंगालेगी पुलिस
घटना के तुरंत बाद देवराज गुर्जर ने जेपी अस्पताल में अपना मेडिकल कराया और अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
अब आगे क्या?
आरोपी पक्ष द्वारा थाने के भीतर मारपीट के आरोप लगाने के बाद अब यह मामला पूरी तरह क्रॉस-केस की स्थिति में आ गया है। मामले की निष्पक्षता जांचने के लिए पुलिस अब अरेरा हिल्स थाने के भीतर और एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है, ताकि यह साफ हो सके कि थाने के भीतर वास्तव में क्या हुआ था। दोनों पक्षों की मेडिकल रिपोर्ट भी इस जांच में अहम भूमिका निभाएगी।







