लोकतंत्र पर हमला और किसान संकट को लेकर कांग्रेस का आंदोलन, जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

लोकतंत्र पर हमला और किसान संकट को लेकर कांग्रेस का आंदोलन, जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना
भोपाल यश भारत । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया विधानसभा प्रकरण किसानों की बदहाल स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में लोकतंत्र का मूल आधार जनता का विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है। पटवारी ने कहा कि चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जनता का भरोसा उठना लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत है। दतिया प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को न्याय के लिए समय मिलने के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा आधी रात को कार्रवाई कर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है।
उन्होंने सरकार पर दोहरे मापदंड
अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ पेड न्यूज़ का मामला लंबित है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष
किसानों के मुद्दे पर हमला बोलते हुए पटवारी ने कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष वास्तव में किसान शोषण वर्ष बन गया है। उन्होंने खाद की कमी, लंबी कतारों, अव्यवस्था और किसानों के साथ हुए दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि किसानों के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत राशि खर्च ही नहीं की गई, जो सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती है।
बारदाना संकट और खरीदी व्यवस्था पर सवाल
पटवारी ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी में देरी और बारदाने की भारी कमी सरकार की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में जहां 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, वहीं सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख का ही आवेदन किया, जिससे बड़ा संकट खड़ा हो गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जूट बैग की कमी का कारण कोई युद्ध नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता है। साथ ही खरीदी तिथियों को बार-बार आगे बढ़ाने से किसानों को अपनी उपज कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
समर्थन मूल्य पर वादाखिलाफी का आरोप
पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने गेहूं, धान और सोयाबीन के घोषित समर्थन मूल्य किसानों को नहीं दिए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के किसान संकट में हैं, तब मुख्यमंत्री अन्य राज्यों में राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।
कांग्रेस का आंदोलन
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने घोषणा की कि पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता उपवास रखेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज उठाएंगे।
इस अवसर पर मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, विधायक फूल सिंह बरैया एवं वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया भी उपस्थित रहे।
अंत में पटवारी ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में हैं और कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।






