रेल टिकट रिफंड नियमों में बदलाव को लेकर स्पष्टीकरण: यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं
मुंबई,यश भारत

रेल टिकट रिफंड नियमों में बदलाव को लेकर स्पष्टीकरण: यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं
मुंबई,यश भारत । हाल ही में कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर चलाई जा रही है कि रेलवे के रिफंड नियमों में बदलाव से यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह दावा पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है।रेलवे द्वारा पारदर्शिता बढ़ाने और यात्रियों को समय रहते उनकी टिकट की स्थिति (कन्फर्म या वेटिंग) की स्पष्ट जानकारी देने के उद्देश्य से चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव किया गया है। पहले यह समय ट्रेन प्रस्थान से लगभग 4 घंटे पहले होता था, जिसे अब बढ़ाकर 9 से 18 घंटे पहले कर दिया गया है। इससे दूरदराज से आने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिल रही है।
इसी यात्री सुविधा को और सुदृढ़ करने के लिए रेलवे ने रिफंड नियमों में भी सुधार किया है। इन सुधारों के तहत यात्रियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है (नो एक्स्ट्रा कॉस्ट)।इस पारदर्शी व्यवस्था से न केवल यात्रियों को समय पर स्पष्ट जानकारी मिल रही है, बल्कि अवैध टिकट एजेंटों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, नई व्यवस्था के अनुसार यात्री ट्रेन के प्रस्थान से अंतिम आधे घंटे पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। साथ ही, उपलब्धता के आधार पर वे अपनी यात्रा श्रेणी को भी प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपग्रेड कर सकते हैं।
रेलवे के इन कदमों का उद्देश्य यात्री सुविधा बढ़ाना और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है, न कि यात्रियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार डालना।







