मझौली लमकना समिति का मामला, चेक बना समिति के नाम का RTGS हुआ व्यक्तिगत नाम से, प्रासांगिक व्यय के 17 लाख पहुंच गए कर्मचारियों के खाते में

जबलपुर, यश भारत। पिछले दिनों मझौली की एक समिति में हुए गोलमाल के बाद अब मझौली की ही लमकना समिति में 17 लाख 7 हजार 300 रुपयों की हेरा फेरी की जानकारी यश भारत को मिली है। जहां प्रासंगिक व्यय की राशि में समिति के कर्मचारियो द्वारा ही बड़ा गोलमाल किया गया है। जिसमें आरटीजीएस फॉर्म में छेड़छाड़ करके एक बड़ी राशि समिति के खाते में ट्रांसफर न करके सीधे समिति के कर्मचारियों द्वारा अपने व्यक्तिगत खाते में जमा करवा दी गई और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है।
ऐसे हुई पूरी हेरा फेरी
लमकना समिति को खाद्यान्न उपार्जन के द्वारा जो प्रासंगिक व्यय किया जाता है उसका भुगतान मार्कफेड के द्वारा किया जाता है। इसी की एक राशि जो की 17 लाख 7 हजार 300 की थी उसका भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। जिसके लिए विपणन संघ द्वारा एक आरटीजीएस फॉर्म भी समिति के कर्मचारियों को दिया । चेक लमकना समिति के नाम से बनाया गया था लेकिन समिति के कर्मचारियों द्वारा गोलमाल करते हुए आरटीजीएस फॉर्म में समिति के अकाउंट नंबर की जगह समिति के ही कर्मचारी का अकाउंट नंबर 157000146732 डाल दिया गया जिससे यह राशि जेठू लाल झरिया के खाते में चली गई।
मजदूरों को होना था भुगतान
जो पैसा समिति के कर्मचारी जेठू लाल झरिया के खाते में गया है उससे पल्लेदारी, स्टैकिंग और सिलाई का भुगतान किया जाना था। हालांकि यह सभी राशियां समिति के द्वारा किसी न किसी रूप में किसानों से वसूल ली जाती है और इस पैसे का बंदर बाट होता है, लेकिन इस बार तो हद करते हुए सीधे पैसा समिति के खाते में ना डालकर कर्मचारी के खाते में ही डाल दिया गया। इस पूरे मामले में समिति के कर्मचारी जेठू लाल झरिया के साथ-साथ समिति में ही ऑपरेटर ब्रिज यादव की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
फरार है कर्मचारी
समिति के जिस कर्मचारी जेठू लाल झरिया के ऊपर इस पूरे गोलमाल का आरोप लग रहा है वह पूर्व में सामने आए धान घोटाले के मामले में आरोपी है और पिछले कई महीनो से फरार चल रहा है, इसके साथ ही इसी मामले में समिति के ऑपरेटर ब्रिज यादव के ऊपर भी मामला दर्ज है, जिसमें वह भी फरार चल रहा है और अब इसके बाद एक और बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है जिसमें देखना होगा की जिम्मेदार क्या कार्रवाई करते हैं। इस मामले के साथ-साथ सहकारी समितियो में बारदाना जमा करने को लेकर भी गंभीर मामले हैं जो जल्द ही सामने आएंगे








