
जमीन में धंसा पुराना बम फटा, 15 वर्षीय बच्चे की मौके पर मौत
आर्मी फायरिंग रेंज में दर्दनाक हादसा,
विस्फोट की आवाज सुनकर पिता अंबाराम अनिल के पास पहुंचा और उसे उठाकर बाहर लाया। इस दौरान अन्य साथी लोग भी मौके पर पहुंचे। मध्य प्रदेश के महू से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आर्मी कैंटोनमेंट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हेमा फायरिंग रेंज में एक पुराना और जमीन में धंसा हुआ बम अचानक फट गया। इस भीषण विस्फोट में 15 वर्षीय किशोर अनिल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। धमाके की तेज आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक अनिल भेड़ें चराने के लिए प्रतिबंधित फायरिंग रेंज क्षेत्र में चला गया था। इसी दौरान उसके पैरों के नीचे दबा पुराना गोला-बारूद अचानक सक्रिय होकर फट गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही सेना के जवान और पुलिस मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विस्फोटक सामग्री वहां कैसे रह गई और सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई।
गौरतलब है कि फायरिंग रेंज क्षेत्र में आम नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है और जगह-जगह चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय ग्रामीण मवेशी चराने या लकड़ी बीनने के लिए कभी-कभी इस खतरनाक इलाके में प्रवेश कर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गरीबी और आजीविका के चलते लोग जोखिम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।
सेना प्रशासन की ओर से समय-समय पर लोगों को चेतावनी दी जाती रही है कि फायरिंग रेंज में पुराने अनएक्सप्लोडेड बम और गोले मौजूद हो सकते हैं, जो कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस हादसे के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।







