भोपाल

सरकारी जमीन पर कब्जों को लेकर प्रशासन की सख्ती, 36 लोगों को नोटिस जारी – मछली परिवार भी घेरे में, नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर चलेगा बुलडोजर

सरकारी जमीन पर कब्जों को लेकर प्रशासन की सख्ती, 36 लोगों को नोटिस जारी
– मछली परिवार भी घेरे में, नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर चलेगा बुलडोजर
भोपाल यशभारत। कोकता अनंतपुरा में सरकारी जमीन पर हुए कब्जों को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पशुपालन विभाग की जमीन पर किए गए कब्जों को लेकर गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा ने 36 लोगों को नोटिस जारी किए हैं और 10 दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने कहा है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो कब्जे पर बुलडोजर चलेगा।
सरकारी जमीन पर खड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ पर होगी कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन सबसे पहले उन कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ पर कार्रवाई की जाएगी, जो सरकारी भूमि पर अवैध रूप से खड़ी की गई हैं। इनमें स्कूल, शादी हॉल/रिसोर्ट, एक हॉस्टल और एक दुकान पर भी कारर्रवाई होगी। डायमंड सिटी कॉलोनी के करीब 20 मकान भी जांच के दायरे में आए हैं। प्रशासन ने खेती कार्य के नाम पर कब्जा करने वालों को 8 नोटिस और कॉलोनी के रास्ते के लिए कब्जा करने पर 4 नोटिस थमाए हैं।
मछली परिवार के कब्जे भी आए सामने
अनंतपुरा ही नहीं, बल्कि भोपाल के अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला लंबे समय से चर्चा में है। इनमें सबसे ज्यादा मछली परिवार को लेकर चर्चा है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में इस परिवार और उनके नजदीकियों द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायतें प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, पशुपालन विभाग की जमीन पर भी मछली परिवार और उनके करीबियों का कब्जा है, जिसे हटाने की तैयारी चल रही है। मछली परिवार पर आरोप है कि उन्होंने वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जा कर प्रॉपर्टी विकसित की है। इन कब्जों में कुछ हिस्सों पर मकान, दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
बुलडोजर से हटेंगे अवैध निर्माण
नोटिस जारी होने के बाद डायमंड सिटी और आसपास के इलाकों के मकान मालिकों में चिंता बढ़ गई है। कई लोग अपने दस्तावेज दुरुस्त कराने में लगे हैं ताकि सुनवाई के दौरान अपनी दलील रख सकें। वहीं, व्यावसायिक प्रॉपर्टीज़ चलाने वाले संचालक भी कानूनी सलाह ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि पूरे दस्तावेजों के साथ ही प्रापर्टी ली थी, लेकिन अब कार्रवाई का डर सता रहा है। प्रशासन दस्तावेजों का परीक्षण करने में जुटा हुआ है।
नोटिस का जवाब नहीं मिला तो हटेंगे कब्जे
सरकारी जमीन पर जिन लोगों ने भी कब्जा किया है उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। दस दिन का समय दिया गया है। यदि नोटिस का जवाब समय पर नहीं मिलता है तो कब्जे हटा दिए जाएंगे।
– रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम, गोविंदपुरा

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