नेहरू नगर में सजी खाकी और कलम की सुरीली दोपहर

नेहरू नगर में सजी खाकी और कलम की सुरीली दोपहर
– गायक अनिल श्रीवास्तव के तराने और अफसरों की गायकी ने नववर्ष मिलन समारोह में बांधा समां
भोपाल, यशभारत। नेहरू नगर पुलिस लाइन का मैदान मंगलवार को यादगार सांस्कृतिक मिलन का केंद्र बन गया।भोपाल पुलिस द्वारा नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया गया। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र की मेजबानी में राजधानी के पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों ने एक साथ मिलकर नए साल का जश्न मनाया। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही काम के बोझ को किनारे रख, रिश्तों और कला को सम्मान दिया गया।

अनिल श्रीवास्तव के तरानों ने लूटी महफिल
समारोह की रौनक तब और बढ़ गई जब मशहूर गायक अनिल श्रीवास्तव ने अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। उन्होंने अपनी बेहतरीन गायकी और धुनों पर ऐसी महफिल सजाई कि उपस्थित पुलिस अधिकारी और पत्रकार मंत्रमुग्ध हो गए। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में एक पेशेवर संगीत संध्या जैसा रंग भर दिया। वर्दी के भीतर छिपा कलाकार आया सामने गायक अनिल श्रीवास्तव की धुनों के साथ कदम मिलाते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया।
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क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने अपनी सुरीली आवाज़ से सबको चौंका दिया। जीआरपी थाना प्रभारी ज़ाहिर खान और कई अन्य थाना प्रभारियों ने भी मंच संभाला और पुराने गीतों से माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस मौके पर मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपना हुनर दिखाया, जिससे यह दोपहर एक साझा मंच बन गई। समारोह में यश भारत समाचार पत्र के संस्थापक आशीष शुक्ला सहित राजधानी के कई संपादक और वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए। पुलिस प्रशासन की ओर से चारों जोन के डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, ट्रैफिक डीसीपी और सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त ने सभी का स्वागत किया और समाज के इन दो महत्वपूर्ण अंगों के बीच बेहतर तालमेल की सराहना की। पुलिस आयुक्त ने पत्रकारों और अधिकारियों से भेंट कर नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और वन-टू-वन संवाद के माध्यम से मीडिया और पुलिस के बीच समन्वय, सूचना संप्रेषण की भूमिका और जनहित से जुड़े विषयों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा की। उन्होंने आपसी विश्वास, पारदर्शिता और सकारात्मक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। समारोह का उद्देश्य पुलिस और मीडिया के बीच समन्वय को प्रगाढ़ करना, सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना और सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहभागिता को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम गरिमामय और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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