निजी अस्पताल ने बिना इलाज आयुष्मान कार्ड से निकाले ५० हजार, मरीज ने लगाया आरोप, सीएमएचओ को शिकायत, जांच और कार्रवाई की मांग

कटनी, यशभारत। आयुष्मान कार्ड को लेकर एक बड़ा फर्जीबाड़ा सामने आया है और एक बार फिर समदडिय़ा सिटी माधवनगर स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर विवादों में है। जानकारी के मुताबिक एक मरीज ने लाइफ केयर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पर बिना इलाज कराए आयुष्मान कार्ड से 50 हजार 100 रुपए निकालने का आरोप लगाया है। मरीज ने इसकी लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देकर अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। अमकुही निवासी 26 वर्षीय अतुल तिवारी ने शिकायत में बताया कि मुंबई में काम के दौरान वह दो मंजिल से नीचे गिर गए थे। इससे उनके दाहिने पैर में फ्रेक्चर हुआ था। मुंबई के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद पैर में रॉड डाली गई थी। अतुल ने रॉड निकलवाने के लिए 21 सितंबर को जिला चिकित्सालय में जांच कराई और फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाया। उनके मुताबिक 23 सितंबर को उन्होंने कटनी लाइफ केयर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से संपर्क किया। अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती कर ऑपरेशन से रॉड निकालने का भरोसा दिया। अतुल 23 से 29 सितंबर तक अस्पताल में भर्ती रहे। शिकायत के अनुसार 29 सितंबर को डिस्चार्ज करते समय अस्पताल ने कहा कि पैर की रॉड कहीं और से निकलवा लें क्योंकि वहां ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद अतुल ने 5 अक्टूबर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में संपर्क किया। जांच के बाद उन्हें 12 से 19 अक्टूबर तक भर्ती रखा गया और पैर की रॉड निकाली गई। अतुल के मुताबिक मेडिकल कॉलेज जबलपुर में आयुष्मान कार्ड से इलाज हुआ। वहां आयुष्मान योजना के तहत 22 हजार 500 रुपए का भुगतान लिया गया। इस मामले में हॉस्पिटल डायरेक्टर देवेंद्र शर्मा ने का कहना था कि नियम अनुसार राशि ली गई है। लगाए गए आरोप निराधार हैं।
जांच के बाद लेंगे एक्शन : सीएमएचओ
जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचएमओ) डॉ. राज सिंह ठाकुर ने कहा कि माधवनगर स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को लेकर एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जांच के लिए लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच के उपरांत जो भी तथ्य आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।







