मॉक संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव पेश, खरगे बोले- हम लोकतंत्र के लिए लड़ रहे
ज्ञानेश कुमार पीएम और गृह मंत्री के निर्देश पर चला रहे आयोग- खरगे

जबलपुर,यश भारत। राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इशारे पर वोटों की चोरी कराई जा रही है। इससे लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। तेजस्वी ने कहा कि पूरा देश इसके खिलाफ एकजुट है और लोकतंत्र को खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
जन महाभियोग में आम जनता ने भी रखी अपनी बात
इस संसद में उनका व्यक्तव भी लिया गया, जिनका वोटर लिस्ट से नाम काट दिया गया। मॉक संसद की अध्यक्ष बनी मीरा कुमारी ने उन लोगों को भी बोलने का मौका दिया। सुशी अनीता जायसवाल को भी मौका मिला। उन्होंने कहा कि कोलकाता से दिल्ली रहने आई। 2012 में उनका दिल्ली में पहचान पत्र बना। इसके बाद से वो लगातार वोट डाल रही है। उन्होंने कहा कि वो सिंगल मॉम हैं। सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रूफ करे कि मैं किस देश की नागरिक हूं। इनको किसने अधिकार दिया कि ये पहचान पत्र मानने से इनकार करे। इनको किसने अधिकार दिया कि ये पहचान पत्र मानने से इनकार करें। बंगाल के इफ्तिखार अहमद ने भी अपनी बात रखी। उनका आरोप है कि उनका भी वोट काट दिया गया है।
ज्ञानेश कुमार पीएम और गृह मंत्री के निर्देश पर चला रहे आयोग- खरगे
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2014 से सत्ता हासिल करने और बनाए रखने के लिए हर संभव साजिश की गई। सांसदों की खरीद-फरोख्त, राजनीतिक दलों को तोड़ने और सरकारें गिराने के बाद अब वोटों की चोरी की जा रही है। खरगे ने आरोप लगाया कि 2023 का मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) कानून चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा कवच देता है। उन्होंने कहा कि यह कानून दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद पारित किया गया था। खरगे ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देश पर चुनाव आयोग चला रहे हैं।
खरगे ने कहा कि सात महीने पहले संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के 193 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन उनके नोटिस खारिज कर दिए गए और उन पर कोई विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रतीकात्मक कार्यक्रम किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था की गरिमा और निष्पक्षता बचाने के लिए आयोजित किया गया है। खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान की भावना के अनुसार निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा बना रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग कंप्यूटर के जरिए कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के वोटिंग अधिकार चुपचाप खत्म न कर सकें, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।







