550 महिलाओं ने रीति-रिवाजों के साथ की पूजा अर्चना , मरही माता मंदिर में सुहागलें पर दिखा भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम

कटनी, यशभारत। मरही माता मंदिर में आयोजित सुहागलों के कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालु महिलाओं की बड़ी संख्या से विशेष चहल पहल रही। सामूहिक रूप से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने भारतीय संस्कृति में रची बसी पारिवारिक मंगलकामना और धार्मिक आस्था की परंपरा को जीवंत कर दिया। करीब 550 महिलाओं का एक साथ इस आयोजन में शामिल होना अपने आप में उल्लेखनीय रहा। यह केवल पूजा अर्चना का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि ऐसा अवसर भी बनाए जहां महिलाएं अपनी पारंपरिक मान्यताओं के साथ एक दूसरे से जुड़ीं और सामूहिक श्रद्धा का हिस्सा बनीं। मंदिर के पुजारी बद्री पंडा ने सुहागलों की धार्मिक मान्यता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सनातन परंपरा में व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालु अपने परिवार के सुखए शांति और कल्याण की कामना करते हैं। सुहागलों भी ऐसी ही पारंपरिक धार्मिक परंपरा है, जिसमें सुहागिन महिलाएं अपने पति के दीर्घायु जीवन और परिवार की समृद्धि के लिए पूजा अर्चना करती हैं।







