बजट करोड़ों का, व्यवस्था कौड़ियों की: बिरसा मुंडा खेल मैदान बना बदहाली का स्मारक

यशभारत डिंडौरी। जिले में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया बिरसा मुंडा खेल मैदान इन दिनों बदहाली की स्थिति को लेकर चर्चा में है। खेल मैदान के रखरखाव और सुविधाओं की स्थिति को लेकर खेल प्रेमियों ने सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
खेल प्रेमियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से मैदान का निर्माण कराया गया था, उसे नियमित रखरखाव और आवश्यक व्यवस्थाओं के अभाव में पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है। मैदान परिसर में साफ-सफाई, देखरेख और अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से मैदान की समुचित देखभाल नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होने की बात कही जा रही है।
खेल प्रेमियों के मुताबिक जिले में बड़ी संख्या में युवा विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा रखते हैं और उन्हें अभ्यास के लिए बेहतर खेल मैदान एवं सुविधाओं की आवश्यकता है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए मैदान का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है।
रखरखाव की जिम्मेदारी पर सवाल
मैदान की मौजूदा स्थिति को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसके रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर उठ रहा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि निर्माण पर बड़ी राशि खर्च किए जाने के बाद यदि नियमित देखरेख नहीं होगी तो मैदान और यहां उपलब्ध सुविधाएं धीरे-धीरे खराब होती जाएंगी। उन्होंने प्रशासन से मैदान की स्थिति का निरीक्षण कराने और जिम्मेदार विभाग से नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
खेल प्रेमियों ने जिला प्रशासन से मैदान की साफ-सफाई, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता, नियमित रखरखाव और खिलाड़ियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की मांग की है। उनका कहना है कि मैदान को बेहतर स्थिति में लाकर जिले के युवा खिलाड़ियों को इसका अधिकतम लाभ दिलाया जा सकता है।
अब देखना होगा कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए बिरसा मुंडा खेल मैदान की बदहाली को लेकर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और मैदान की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।






