सलैया स्टेशन में नहीं रूक रही महत्वपूर्ण टे्रनें, 300 से अधिक गांवों के लोग करते हैं यात्रा, उपेक्षा को लेकर पनप रहा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

कटनी, यशभारत। सलैया रेलवे स्टेशन केवल एक स्टेशन नहीं, बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों की जीवन रेखा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और दैनिक आवागमन के लिए 300 से अधिक गांवों के लोग इसी स्टेशन पर निर्भर हैं। इसके बावजूद रेलवे की उपेक्षा नागरिकों के लिए आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानी का कारण बनती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब अन्य छोटे स्टेशनों पर लंबी दूरी की ट्रेनों का स्टापेज दिया जा रहा है तो फिर सलैया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन को इस सुविधा से वंचित क्यों रखा जा रहा है। गोंडवाना एक्सप्रेस और रेवांचल एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टापेज नहीं होने से छात्रों, मरीजों, मजदूरों, व्यापारियों और यात्रियों को मजबूरन कटनी, दमोह या सागर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि अतिरिक्त किराया और आवागमन व्यय के रूप में आर्थिक बोझ भी झेलना पड़ता है। इस समस्या को लेकर नागरिकों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है। नागरिकों ने विधायक प्रणय प्रभात पाण्डेय को ज्ञापन सौंपकर सलैया स्टेशन पर गोंडवाना एवं रेवांचल एक्सप्रेस के नियमित स्टापेज की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि यह मांग किसी विशेष वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनभावनाओं और जनहित से जुड़ी है। लोगों का कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिलते रहे लेकिन समस्या जस की तस बनी है। अब जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी है और सुविधाओं के लिए प्रतीक्षा करने की बजाय संगठित होकर संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए तैयार है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि फिलहाल वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग शासन और रेलवे प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। लेकिन यदि जनहित की इस जायज मांग की लगातार अनदेखी की गई तो क्षेत्रव्यापी जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
लोगों ने कहा : अपना हक लेकर रहेंगे
लोगों का कहना है कि हम अपना हक प्रेम और निवेदन से मांग रहे हैं लेकिन यदि हमारी बात नहीं सुनी गई तो अपने अधिकारों के लिए सडक़ पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक सैकड़ों गांवों की आबादी को मूलभूत रेल सुविधा से वंचित रखा जाएगा। क्षेत्र के लोगों ने सांसद, विधायक, रेल मंत्री, प्रभारी मंत्री एवं कलेक्टर का ध्यान इस ओर दिलाते हुए टे्रनों के स्टापेज की मांग की है।







