
जबलपुर, यश भारत। दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को शहर के मालवीय चौक पर छात्रों ने मौन प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आँसू गैस के गोले दागे और उनके साथ बर्बरता की गई।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि यह मौन प्रदर्शन दिल्ली के छात्रों के समर्थन और उनके साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने, NEET से प्रभावित छात्रों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा देने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्रों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका तर्क था कि यदि विभिन्न परीक्षाओं के लिए संबंधित विभाग और आयोग जवाबदेह होते हैं, तो शिक्षा व्यवस्था की सर्वोच्च जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की भी बनती है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील की।







