गर्भावस्था में मानसिक सेहत का ख्याल जरूरी, स्वस्थ शिशु के लिए सकारात्मक माहौल अहम बीएमएचआरसी के गर्भ संस्कार कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दी समग्र देखभाल की सलाह

गर्भावस्था में मानसिक सेहत का ख्याल जरूरी, स्वस्थ शिशु के लिए सकारात्मक माहौल अहम
बीएमएचआरसी के गर्भ संस्कार कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दी समग्र देखभाल की सलाह
भोपाल यश भारत। भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र बीएमएचआरसी में आयोजित गर्भ संस्कार कार्यक्रम में गर्भावस्था के दौरान मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संतुलन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में नवविवाहित दंपत्तियों और गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ एवं संस्कारित शिशु के निर्माण से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता नैदानिक मनोवैज्ञानिक सलाहकार डॉ. काकोली राय ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य केवल शरीर तक सीमित नहीं होता बल्कि मानसिक और सामाजिक संतुलन भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में संवाद की कमी के कारण लोग अपनी भावनाएं साझा नहीं कर पाते जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है। गर्भावस्था के दौरान यह स्थिति अधिक संवेदनशील हो जाती है इसलिए इस समय मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में मूड स्विंग चिंता और भावनात्मक उतार चढ़ाव सामान्य हैं लेकिन इनका प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ता है। ऐसे में सकारात्मक माहौल मधुर संगीत, प्रेरणादायक साहित्य और संतुलित दिनचर्या अपनाना फायदेमंद होता है। डॉ. राय ने परिवार विशेषकर जीवनसाथी की भूमिका को अहम बताते हुए नॉन जजमेंटल लिसनिंग यानी बिना किसी पूर्वाग्रह के सुनने की आदत विकसित करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में योग एवं आहार विशेषज्ञ डॉ. शैलजा त्रिवेदी ने गर्भावस्था के दौरान योग, प्राणायाम और संतुलित आहार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित और सुरक्षित योगाभ्यास से शरीर मजबूत होता है मानसिक संतुलन बना रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं को घर का बना पौष्टिक भोजन मौसमी फल सब्जियां पर्याप्त पानी और प्रोटीन युक्त आहार लेने की सलाह दी। साथ ही जंक फूड अधिक तले भुने खाद्य पदार्थ और अत्यधिक चाय-कॉफी से बचने की बात कही। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि गर्भ संस्कार भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है जिसका प्रभाव शिशु के समग्र विकास पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ पीढ़ी के निर्माण में सहायक हैं। कार्यक्रम में डॉ. रोमा रस्तोगी डॉ. रचिता चंसौरिया और नर्सिंग अधीक्षक अजी कोशी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे, जिन्होंने विशेषज्ञों से उपयोगी जानकारी प्राप्त की।






