भोपाल

अंबेडकर ब्रिज का पानी लोनिवि ने बगैर परमिशन रेलवे ट्रैक पर डाला 

अंबेडकर ब्रिज का पानी लोनिवि ने बगैर परमिशन रेलवे ट्रैक पर डाला

भोपाल, यशभारत। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के कारनामे लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। हर दिन नए-नए मामले सामने आ रहे है। अब इसी वर्ष राजधानी में शुरू हुए अंबेडकर ब्रिज में पानी निकासी की व्यवस्था करना भूल गए। तेज बारिश से सड़कों में पानी भरने से जाम लगने लगा। परेशानी का निवारण करने आए नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दूसरी मुसीबत खड़ी कर दी। बिना सोचे समझे और बगैर रेलवे से परमिशन लिए पानी को रेलवे ट्रैक की तरफ डाल दिया है। इससे सड़क का पानी तो निकल गया लेकिन अब रेलवे ट्रैक में पानी भरने का खतरा मंडराने लगा। रेलवे के अधिकारियों को जैसे ही इस बात की जानकारी लगी, उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह से की। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि बिना परमिशन लिए पानी को रेलवे ट्रैक की तरफ ड्राइवर किया गया है। उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को कहा गया है। यह है पूरा मामला दरअसल, भोपाल के गणेश मंदिर के पास अंबेडकर फ्लाईओवर और सावरकर सेतु के कट पॉइंट पर भारी बारिश के कारण जमा हुआ पानी को लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम द्वारा बनाए गए एक अस्थाई नाले के माध्यम से रेलवे लाइनों की ओर छोड़ा गया है। दो दिन पहले हुए भारी जलभराव के बाद अंबेडकर ब्रिज पर 3 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था।

रेलवे ने जताई आपत्ति कलेक्टर को लिखा रेलवे प्रशासन ने पत्र

का पानी जमा हो गया था। इसके बाद कई विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रुके हुए पानी की निकासी के लिए एक अस्थाई निकास खोजा। हालांकि, उपयुक्त निकास निर्धारित करने के बजाय, पानी को सीधे रेलवे पटरियों पर मोड़ दिया गया जिस पर रेलवे ने आपत्ति जताई है। दरअसल सड़क में पानी का भराव होने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों नें अस्थाई नाला बनने से पहले गणेश मंदिर के पास एक पुराने, नाले को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया था, जो कभी अरेरा कॉलोनी से जुड़ा था और रानी कमलापति स्टेशन की ओर जाता था। हालाकि, जल जमाव को कम करने में यह प्रयास अप्रभावी साबित हुआ। इसके बाद पानी को रेलवे ट्रैक की तरफ छोड़ दिया गया। हलाकि बीएमसी का दावा है कि अस्थाई व्यवस्था से कोई खतरा नहीं है। जबकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह बड़ी समस्या बन सकता है।

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