3 हज़ार का इनामी आरोपी गिरफ्तार : आरोपी के चंगुल से दूसरी नाबालिग भी गाजियाबाद से मुक्त

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा तथा अपहृत बच्चों की शीघ्र बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक ही परिवार से गायब हुई दूसरी नाबालिग बालिका को भी दिल्ली-गाजियाबाद से सकुशल दस्तयाब कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने मामले में फरार चल रहे 3,000 रुपये के इनामी आरोपी को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
सिविल लाइन थाना टीआई आनंद सिंह ने ‘यश भारत’ के संभागीय ब्यूरो को मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी 2026 को एक पीड़ित महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटियों को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गायब हुई एक बच्ची को पहले ही सकुशल बरामद कर लिया था, जबकि दूसरी 16 वर्षीय नाबालिग बालिका की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल के विश्लेषण से बेहद महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। पुलिस को पता चला कि मामले का मुख्य फरार आरोपी लोकेश अहिरवार (निवासी छापरी) नाबालिग बालिका को अपने साथ लेकर दिल्ली और गाजियाबाद के इलाकों में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाने से एक विशेष पुलिस टीम को तत्काल दिल्ली-गाजियाबाद के लिए रवाना किया गया।
विशेष पुलिस टीम ने गाजियाबाद में घेराबंदी कर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को आरोपी के चंगुल से सकुशल मुक्त करा लिया। इसके साथ ही पुलिस ने 3,000 रुपये के इनामी आरोपी लोकेश अहिरवार को गिरफ्तार कर सागर ले आई। वैधानिक औपचारिकताएं और मेडिकल परीक्षण पूर्ण करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, वहीं आरोपी लोकेश को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।







