सुसाइड मिस्ट्री: पति-पत्नी ने एक ही फंदे पर झूलकर दी जान, मजदूरी करने गए बेटों के लौटने पर हुआ अंतिम संस्कार

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र के वाल्मीकि वार्ड (वार्ड नंबर 10) में सोमवार को हुई दंपती की आत्मघाती घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। यहाँ 55 वर्षीय उत्तम अहिरवार और उनकी 50 वर्षीय पत्नी हरीबाई ने एक ही साड़ी का फंदा बनाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस हृदयविदारक घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है और हंसता-खेलता परिवार बिखर गया।
बाहर मजदूरी कर रहे थे बेटे, खबर मिलते ही पहुंचे घर
थाना प्रभारी संदीप खरे ने यश भारत के संभागीय ब्यूरो को विशेष जानकारी देते हुए बताया कि मृतक दंपती के दो पुत्र हैं, जो अपनी और परिवार की आजीविका चलाने के लिए सागर एवं अन्य शहरों में मजदूरी का कार्य करते हैं। घर में माता-पिता की इस खौफनाक मौत की खबर जैसे ही बेटों तक पहुँची, वे बदहवास होकर शाहगढ़ पहुंचे। अपनों को खोने का गम बेटों के चेहरों पर साफ झलक रहा था, जिन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि एक दिन पहले तक स्वस्थ दिख रहे माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शवों का पंचनामा तैयार किया और शाहगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमॉर्टम कराया। बेटों के घर पहुँचने और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए। जिसके बाद गमगीन माहौल और नम आंखों के बीच दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अभी भी अनसुलझा है मौत का ‘राज’
हालांकि दंपती का अंतिम संस्कार हो चुका है, लेकिन सवाल अभी भी वही खड़ा है कि आखिर बीड़ी बनाकर जीवन गुजारने वाले इस सीधे-सादे दंपती ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? थाना प्रभारी संदीप खरे के अनुसार, पुलिस हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ जारी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे कोई मानसिक तनाव था या कोई अन्य गुप्त कारण।







