भाजपा किसान मोर्चा का संगठन विस्तार, 10 जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किसानों के बीच सरकार की योजनाएं पहुंचाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर रहेगा फोकस

भाजपा किसान मोर्चा का संगठन विस्तार, 10 जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त
किसानों के बीच सरकार की योजनाएं पहुंचाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर रहेगा फोकस
भोपाल यश भारत। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा मध्यप्रदेश ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 10 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों को आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा की। जारी सूची के अनुसार विभिन्न जिलों में सक्रिय और अनुभवी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है जिससे किसान मोर्चा को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
घोषित नियुक्तियों में संजीत पाण्डे को मण्डला, नरेश मिश्रा को अनूपपुर, रामकुमार साहू को सीधी, टीकेन्द्र प्रताप सिंह को देवास तथा विपिन खेमरिया को शिवपुरी जिले का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं विलास खिरडकर को पांढुर्णा, नारायण पाटीदार को खरगोन, मांगीलाल चौहान को अलीराजपुर, मोहन आर्य को धार ग्रामीण तथा योगेन्द्र सिंह चुंडावत को मंदसौर जिले की कमान सौंपी गई है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि पार्टी किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति से संगठन को गांव पंचायत और बूथ स्तर तक और अधिक मजबूती मिलेगी। किसान मोर्चा का उद्देश्य प्रदेश सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं को हर किसान तक पहुंचाना और किसानों की समस्याओं को संगठन एवं सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखना है। उन्होंने सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को शुभकामनाएं देते हुए अपेक्षा जताई कि वे किसानों के बीच सक्रिय भूमिका निभाते हुए संगठन विस्तार सदस्यता अभियान और किसान हित से जुड़े कार्यक्रमों को गति देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर किसान मोर्चा लगातार कार्य करता रहेगा। भाजपा किसान मोर्चा की यह नियुक्तियां आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।






