“सड़क एक—स्वीकृतियां तीन : उपयंत्री का अजब खेल, फाइलों में दौड़ी सड़क जमीन में सन्नाटा

क्षेत्रवासियों में रोष
रीवा। जिले के जनपद पंचायत रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत बहुरी बांध में विकास कार्यों की आड़ में बड़े वित्तीय खेल का मामला उजागर हुआ है। ग्रामवासियों का आरोप है कि संबंधित उपयंत्री ने प्रशासनिक नियमों और तकनीकी मापदंडों को दरकिनार करते हुए एक ही मार्ग पर तीन अलग अलग तकनीकी स्वीकृतियां जारी कर दी हैं।एक ही रास्ते को टुकड़ों में बांटकर बार बार टीएस जारी करने की इस कार्यप्रणाली से न केवल शासकीय धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है बल्कि इसमें भारी वित्तीय अनियमितता और दोहरे भुगतान की बू आ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टीएस -1 ग्रेवल मार्ग के रूप में महमाई तालाब से लेकर कालिका माता मंदिर तक के लिए विधायक निधि से पांच लाख रुपए की लागत से जारी की गई है, वहीं टीएस-2 पीसीसी मार्ग-1 के रूप में भुइयां बाबा चबूतरा से महेंद्र तिवारी के खेत की ओर पीसीसी सड़क निर्माण के लिए तथा टीएस-3 पीसीसी मार्ग-2 के रूप में मन भरन तिवारी के खेत से वेयरहाउस की ओर पीसीसी सड़क निर्माण के लिए जारी की गई है।
तकनीकी एवं प्रशासनिक नियमों के अनुसार किसी भी एक सतत मार्ग के लिए एक ही एकीकृत प्राक्कलन और टीएस जारी की जानी चाहिए लेकिन इस मामले में उपयंत्री द्वारा जानबूझकर तीन अलग अलग टीएस जारी की गई। पहला कारण स्प्लिटिंग ऑफ वर्क यानी नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है जिसमें कार्य की कुल लागत अधिक होने पर फाइल उच्चाधिकारियों के पास टेंडर हेतु चली जाती है और टेंडर प्रक्रिया और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच से बचने के लिए कार्य को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर टीएस जारी कर दी गई। दूसरा कारण ग्रेवल के ऊपर पीसीसी का औचित्यहीन खर्च है जिसमें सवाल उठ रहा है कि जब उसी मार्ग पर पीसीसी पक्की सड़क की टीएस जारी करनी ही थी तो पांच लाख की विधायक निधि से ग्रेवल कच्ची सड़क की टीएस देकर शासकीय राशि को गड्ढे में क्यों झोंका गया।
तीसरा कारण दोहरे मूल्यांकन और आहरण की साजिश माना जा रहा है जिसमें अलग-अलग टीएस होने के कारण माप पुस्तिका में एक ही निर्माण स्थल की नापजोख को अलग-अलग दर्शाकर फर्जी भुगतान निकालने का पूरा रास्ता तैयार कर लिया गया है। एक ही मार्ग पर तीन टीएस जारी होना सीधे तौर पर उपयंत्री की गंभीर प्रशासनिक स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध भूमिका को प्रमाणित करता है।
इस गंभीर लापरवाही से क्षेत्र के नागरिकों में तीव्र रोष व्याप्त है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की मांग है कि नियम विरुद्ध जारी की गई तीनों टीएस की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अनावश्यक निर्माण पर व्यय हुई राशि की वसूली सीधे जिम्मेदार उपयंत्री से की जाए। जब तक संभागीय या जिला स्तरीय तकनीकी जांच दल द्वारा स्थल का भौतिक सत्यापन जियो टैगिंग के माध्यम से नहीं हो जाता तब तक तीनों टीएस से जुड़े समस्त भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए साथ ही शासकीय धन के दुरुपयोग और पदीय कर्तव्यों के दुरुपयोग के आरोप में संबंधित उपयंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि महमाई तालाब से कालिका माता मंदिर तक सड़क पूर्व से बनी हुई है, मंदिर से कुछ आगे तक ही पक्की सड़क बनी है इसके बाद की सड़क कच्ची ही है। फिलहाल सड़क का कोई कार्य नहीं चल रहा है न ही इसके पूर्व भी चला, पूर्व में जैसी सड़क बनाई थी वह यथावत है और कुछ ग्रामवासियों ने बताया कि यहां नई रोड स्वीकृत हुई है इसकी उन्हें जानकारी तक नहीं है।






