वन विभाग की बड़ी कार्यवाही: करंट लगाकर तेंदुए का शिकार करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार, पाँच नग नाखून जप्त

जबलपुर यश भारत l वन परिक्षेत्र जबलपुर अंतर्गत बारहा वृत्त, पिपरीया बीट के कक्ष क्रमांक RF-244 में मृत तेंदुआ पाया गया था जिसमें वन परिक्षेत्र जबलपुर द्वारा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था |
इसी मामले में मुख्य वन संरक्षक कमल अरोरा , वनमंडल अधिकारी ऋषि मिश्र , उपवनमंडल पीके श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जबलपुर अपूर्व प्रखर शर्मा एवं परिक्षेत्र सहायक महेश मिश्रा(बारहा), विजय तिवारी(बरेला), गुलाब सिंह (जबलपुर) एवं अन्य कर्मचारियों ने तेंदुए के शिकार में 5 अभियुक्त – लखन कुलस्ते, सत्येंद्र बरकडे, राधेश्याम यादव, सुरेंद्र मरावी, देवी सिंह को गिरफ्तार कर न्यायलय में प्रस्तुत किया है | घटना के उपरांत परिक्षेत्र जबलपुर की टीम लगातार आसपास के गाँव में पूछ-ताछ कर रही थी और इसी दौरान सर्च वारंट लेकर अभियुक्तों के घर में छापा मारा | सर्च के दौरान अभियुक्तों के घर से करंट लगाने वाली तार, खूटी और कुछ अन्य वन्य प्राणियों के अवशेष प्राप्त हुए है जिसे नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में परीक्षण हेतु भेजा गया है | सर्च करने के बाद अभियुक्तों को पूछ-ताछ हेतु जबलपुर लाया गया, जिसमें अभियुक्तों द्वारा करंट की तार लगाना एवं शिकार करना स्वीकार किया गया और साबित हुआ |
अभियुक्तों द्वारा यह भी स्वीकार किया गया कि उनके द्वारा पूर्व में भी कयी बार जंगली सुअर, खरगोश आदि का करंट लगाकर शिकार किया गया है | अभियुक्त सुरेंद्र मरावी द्वारा यह भी स्वीकार किया गया कि उन्होंने तेंदुए के नाखून निकाल लिए है और उसे नदी के पास छुपा दिया है | वन विभाग की एक टीम ने अभियुक्त सुरेंद्र मरावी के साथ ग्राम करौंधी में नदी के पास जहां नाखुन छुपाये थे वहाँ पहुची और पाँच नग नाखून जप्त किए जिसे नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में परीक्षण हेतु भेजा गया है | वन परिक्षेत्र जबलपुर की स्टाफ द्वारा लगातार इस मामले में जांच की जा रही है और इसमें अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है एवं शेष नाखूनों के लिए तलाशी जारी है |







