रिंग रोड के नाम पर ट्रैक्टर लूट! तीन माह से किराया गायब, 75 किसानों के ट्रैक्टर भी ‘हवा’
न्याय की आस में एसपी दफ्तर पहुंचे पीड़ित किसान

जबलपुर। शहर की बहुचर्चित रिंग रोड परियोजना किसानों के लिए विकास नहीं, बल्कि ठगी का पर्याय बनती नजर आ रही है। रिंग रोड निर्माण में काम दिलाने का झांसा देकर 75 से अधिक किसानों से ट्रैक्टर किराए पर लेने और फिर उन्हें गायब कर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन महीने बीत जाने के बाद न किराया मिला और न ही ट्रैक्टर लौटाए गए, मजबूर होकर किसानों को थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक गुहार लगानी पड़ी।
रिंग रोड का सपना दिखाकर बिछाया ठगी का जाल
ग्राम पौड़ी खुर्द निवासी किसान गुलाब राय ने बताया कि जबलपुर का रहने वाला दीपक गोस्वामी कुछ माह पहले गांव पहुंचा था। उसने रिंग रोड के बड़े निर्माण कार्य का हवाला देकर ट्रैक्टरों की मांग की। भरोसे में आए गोसलपुर, मझौली, मझगवां और कुंडम क्षेत्र के किसानों ने 100 से अधिक ट्रैक्टर काम पर लगा दिए। शुरुआत में भुगतान का आश्वासन मिलता रहा, लेकिन कुछ ही दिनों में दीपक का मोबाइल बंद हो गया।
निर्माण स्थल पहुंचते ही उड़ गए होश
तीन माह तक किराया नहीं मिलने पर किसान जब निर्माण स्थल पहुंचे, तो वहां न ट्रैक्टर मिले और न ही कथित ठेकेदार दीपक गोस्वामी। ट्रैक्टरों के गायब होने की पुष्टि होते ही किसानों को ठगी का अहसास हुआ। पहले गोसलपुर थाने में शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर किसानों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई।
कर्ज में डूबे किसान, रोजी-रोटी पर संकट
पीड़ित किसान गुलाब राय ने बताया कि उन्होंने बैंक से फाइनेंस कर ट्रैक्टर खरीदा था। उम्मीद थी कि किराए से किस्तें निकल जाएंगी, लेकिन ठगी ने उन्हें आर्थिक संकट में धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक गोस्वामी के साथ उसका साथी विमल पटेल भी ट्रैक्टर लेने में शामिल था, जो अब जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
पहले भी कर चुके हैं ऐसे खेल
किसानों का आरोप है कि दीपक और विमल पहले भी दमोह जिले में इसी तरह किसानों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह किराए का लालच देकर ट्रैक्टर ठग चुके हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित ठगी गिरोह का मामला हो सकता है।
एफआईआर दर्ज, ठगी गिरोह की जांच शुरू
किसानों की शिकायत के बाद गोसलपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ठगी गिरोह की भूमिका सामने आ रही है। आरोपियों की तलाश जारी है और अन्य पीड़ित किसानों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।







