लोकायुक्त की एफआईआर, जेई का अजीब जवाब: ‘मुझे किसी नोटिस की जानकारी नहीं, ‘वसूली करते उपभोक्ता ने बनाया था वीडियो… पढ़े पूरी खबर

रीवा । बिजली विभाग अवैध वसूली के लिए पहले ही बदनाम रहा है। यहां पदस्थ अधिकारी, कर्मचारी लंबे समय से डटे हैं। अब यही बेलगाम हो गए हैं। पहले जांच और प्रकरण के नाम पर वसूलते थे। कई मामले सामने आए थे। जांच भी हुई लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। एमडी ने शहर संभाग में की गई गड़बड़ी को ध्यान में रखकर पूरे संभाग के जिलों की जांच बैठा दी थी। खुलेआम शहर संभाग के जेई, एई वसूली कर रहे हैं। ऐसा ही मामला गड़रिया मोड़ का भी सामने आया। एक उपभोक्ता के घर जेई प्रदीप दुबे और एक आउटसोर्स कर्मचारी वसूली करने गए थे। इसका वीडियो उपभोक्ता ने बनाया और फिर लोकायुक्त से शिकायत कर दी। शिकायत के बाद पहले तो लोकायुक्त ने जीरो में कायमी की। बाद में अपराध पंजीबद्ध कर दिया है। मामले की जांच जारी है।
प्रदीप दुबे मूल पद परीक्षण सहायक एवं चालू प्रभार कनिष्ठ अभियंता कर्मचारी संख्या 13530860 है। इनकी पदस्थापना शहर संभाग में थी। जेई के पद पर पदस्थ रहे। इन्होंने एक आउटसोर्स कर्मचारी के साथ एक उपभोक्ता के घर पर रेड मारी थी। फिर मामला सेट करने के लिए वसूली करने गए थे। इसी मामले में इनका वीडियो बन गया और लोकायुक्त तक पहुंच गया। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने अपराध क्रमांक 0/ 26 में मामला पंजीबद्ध किया। धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 एवं 61(2) बीएनएस 2023 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया थ। बाद में अपराध क्रमांक 119/2026 धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 एवं 61(2) बीएनएस 2023 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
लोकायुक्त ने प्रकरण दर्ज करने के बाद प्रदीप दुबे को शहर संभाग से अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए पत्र अधीक्षण अभियंता को लिखा। अधीक्षण अभियंता ने प्रदीप दुबे को पश्चिम संभाग भेज दिया। जैसे मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कोई भी लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई में अधिकारी, कर्मचारी फसता है तो उसे रीवा भेज दिया जाता है। उसी तरह शहर संभाग का डंपिंग प्वाइंट पश्चिम संभाग बन गया है। प्रदीप दुबे को भी पश्चिम संभाग भेज दिया गया है। वर्तमान समय में वह हिनौता डीसी में पदस्थ हैं
लोकायुक्त एसपी योगेश्वर शर्मा ने प्रदीप दुबे पर दर्ज प्रकरण की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि रिश्वत मांगने का मामला था। प्रकरण दर्ज किया गया है।प्रदीप दुबे जेई हिनौता का कहना है कि उन पर किस मामले में प्रकरण दर्ज किया गया। इसकी जानकारी नहीं है। लोकायुक्त से किसी तरह का नोटिस भी नहीं मिला है।







