रीवा lचोरहटा थाना की नौबस्ता पुलिस चौकी क्षेत्र में आने वाले जोन्ही गांव में 54 साल की उमा देवी त्रिपाठी पति संतोष ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली। हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन ने कहा कि जमीन के विवाद में न्याय न मिलने से आहत होकर सुसाइड किया है। अब जब तक न्याय नहीं मिलेगा, यहां से शव नहीं उठेगा। पांच घंटे से ज्यादा समय तक समझाइश का दौर चला। सीएसपी डॉ. रितु उपाध्याय की समझाइश के बाद अंततः पंचनामा की कार्रवाई हुई और शव को संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय की मरचुरी में शिफ्ट किया गया, जहां शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया।
तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला का कहना है कि पीडित परिवार से मौके पर जाकर बात की गई है। उन्होंने दो समस्याएं बताई हैं। इनकी भूमि पर किसी व्यक्ति द्वारा शौचालय निर्माण की बात कहीं गई है, जो जांच में सही नहीं निकली। इसके अलावा एक दूसरी समस्या ये बताई है कि उनकी भूमि पर पंचायत या पीडब्ल्यूडी ने रास्ता निकाल दिया है। पीडित परिवार को समझाया गया है कि सीमांकन से 2011 में कब्जा हटाने का आदेश, अमल आज तक नहीं परिजन का कहना है कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। वर्ष 2011 में तत्कालीन कलेक्टर ने कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन 14 साल बाद भी इस आदेश का पालन नहीं कराया गया। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि राजस्व अमले द्वारा कार्रवाई न किए जाने से परेशान होकर उनकी मां ने सुसाइड किया है। आरआई और पटवारी सबके चक्कर लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला।
रीवा तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला के मुताबिक जांच के बाद सही स्थिति सामने आ जाएगी। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। पूर्व के आदेश की जो बात कही जा रही हैं, ऐसा कोई रिकॉर्ड ये उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इस तरह राजस्व अमले पर जो आरोप हैं, वे सहीं नहीं है।
अस्पताल में भी कार्रवाई की मांग शनिवार की सुबह अस्पताल में पोस्टमार्टम शुरू होने से पहले एक बार फिर परिजन ने कहा कि हमें पहले न्याय चाहिए।
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