पेयजल संकट से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा : महिलाओं ने नेशनल हाईवे पर बर्तन रखकर किया चक्काजाम

यशभारत , डिंडोरी । डिंडोरी जिले के बजाग क्षेत्र में लगातार गहराते पेयजल संकट ने रविवार को बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया। जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर स्थित सागर टोला चौराहे में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब पानी की समस्या से परेशान होकर उन्होंने सड़क पर बर्तन रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। गांवों में नलजल योजना और हैंडपंप व्यवस्था बदहाल होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना उनकी मजबूरी बन गई है, जिससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने आखिरकार नेशनल हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार बजाग और थाना प्रभारी गाड़ासरई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाओं ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए तत्काल पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने और स्थायी समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के चलते जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्री और वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे। कई यात्री गर्मी और उमस के कारण परेशान नजर आए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने यातायात व्यवस्था संभालने का प्रयास किया, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों को समझाने में जुटे रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी गई। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द पेयजल समस्या के निराकरण और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने का भरोसा दिलाया।
फिलहाल प्रशासन की समझाइश के बाद यातायात धीरे-धीरे बहाल कराया गया, लेकिन क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र हो सकता है।
इनका कहना है …
चार महिने से हम लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते 2-3 किलोमीटर दूर स्थित नल से पानी लेकर आते हैं और तीन टोला के लोग एक साथ पानी लेने जाते हैं तो वहां लाईन लगना पड़ता है- ग्रामीण
पी एच ई विभाग के इंजीनियर आए थे उनके द्वारा तीन दिवस में पानी की सुचारू रूप से व्यवस्था करने कहां गया है – कार्यवाहक तहसीलदार







