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पर्यावरण की आड़ में शासकीय भूमि पर फल फुल रहा अवैध कब्जा

घर के बाहर बगीचे, पक्के प्लेटफॉर्म और पार्किंग तक बना रखी

जबलपुर, यश भारत। शहर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के नाम पर शासकीय भूमि पर पक्के अतिक्रमण का नया तरीका तेजी से सामने आ रहा है। लोग नगर निगम से स्वीकृत सीमा तक भवन निर्माण तो नियमों के अनुसार कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद घर के सामने की सरकारी जमीन पर बगीचे विकसित कर पक्के प्लेटफॉर्म, सजावटी निर्माण और वाहन पार्किंग तक बना रहे हैं। इससे न केवल शासकीय भूमि पर अवैध कब्ज़ा बढ़ रहा है, बल्कि सड़कें भी संकरी होती जा रही हैं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शहर के कई इलाकों में ऐसे अतिक्रमण खुलेआम दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली और अधिकारियों की अनदेखी के कारण अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। हाल ही में कई स्थानों पर सड़क निर्माण के दौरान भी इन अवैध कब्जों को हटाने के बजाय उपलब्ध जगह तक ही सड़क का निर्माण कर दिया गया। इससे यह सवाल उठने लगा है कि जब अतिक्रमण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे, तब उन्हें हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
निवासियों का आरोप है कि कुछ मामलों में नगर निगम के कर्मचारियों की कथित मौन सहमति या लापरवाही के कारण लोग सरकारी जमीन पर स्थायी कब्ज़ा करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। कई जगह बगीचों के सामने निजी वाहनों की पार्किंग भी की जा रही है, जिससे सार्वजनिक भूमि का निजी उपयोग हो रहा है।

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इनका कहना है

हा यह गंभीर विषय है। पहले भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। यदि दोबारा कहीं शासकीय भूमि पर इस प्रकार का अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित स्थान पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जहां भी ऐसा मामला सामने आएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई होगी।

टीपेंद्र रावत सहायक अतिक्रमण अधिकारी नगर निगम

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