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पमरे जीएम कार्यालय का फायर प्रोटेक्शन सिस्टम चार साल से शोपीस बना

करोड़ों रुपये खर्च कर बिछाई गई पाइपलाइन फांक रही धूल

जबलपुर यशभारत। पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक कार्यालय में करोड़ों की सुरक्षा व्यवस्था चार वर्षों से अधर में लटकी हुई है। आग से बचाव के लिए लगाया जाने वाला फायर प्रोटेक्शन सिस्टम आज तक चालू नहीं हो सका। हालात यह हैं कि आपात स्थिति में नीचे गैलरी में रखा एक अग्निशामक यंत्र ही सहारा दिखाई देता है जबकि भवन में लगाए गए लोहे के पाइप महज शोपीस बनकर रह गए हैं।*

उल्लेखनीय है कि जबलपुर स्थित पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक कार्यालय में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार भवन में आधुनिक फायर प्रोटेक्शन सिस्टम स्थापित करने का कार्य करीब चार वर्ष पहले शुरू किया गया था। इसके तहत पूरी इमारत में लोहे की पाइपलाइन बिछा दी गई, लेकिन आज तक सिस्टम को चालू नहीं किया गया।

आपात स्थिति से निपटने पर्याप्त व्यवस्था नहीं

पश्चिम मध्य रेल के इस कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं देती। भवन के निचले हिस्से की गैलरी में रखा एक अग्निशामक यंत्र ही सुरक्षा का प्रतीक बनकर रह गया है।
जानकारों का कहना है कि यदि भवन में किसी कारणवश आग लग जाए तो केवल एक अग्निशामक यंत्र के भरोसे पूरे कार्यालय की सुरक्षा संभव नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों के साथ-साथ महत्वपूर्ण दस्तावेजों और सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था वर्षों से अधूरी पड़ी

सबसे हैरानी की बात यह है कि रेलवे का महाप्रबंधक कार्यालय, जहां से पूरे पश्चिम मध्य रेल का संचालन और निगरानी होती है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था वर्षों से अधूरी पड़ी है। करोड़ों रुपये खर्च कर बिछाई गई पाइपलाइन धूल फांक रही है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि कई बार इस मुद्दे को उठाया गया, लेकिन अब तक फायर प्रोटेक्शन सिस्टम को चालू कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि कोई अग्निकांड हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी।

..फैक्ट फाइल…

-चार साल से अधूरी सुरक्षा व्यवस्था

-महाप्रबंधक कार्यालय में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम आज तक चालू नहीं।

-पूरी इमारत में पाइपलाइन बिछी, लेकिन सिस्टम निष्क्रिय।

-आपात स्थिति में नीचे गैलरी में रखा एक अग्निशामक यंत्र ही सहारा।

-प्रतिदिन सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों की आवाजाही के बावजूद सुरक्षा पर सवाल।

-बड़ा हादसा होने पर जान-माल और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को हो सकता है भारी नुकसान।

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