पुलिस का गौकशी पर बड़ा प्रहार: सीसीटीवी की मदद से गोवंश चोरों का गिरोह बेनकाब, 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार

सागर यश भारत संभागीय ब्यूरो)/जिला सागर में पिछले कुछ समय से गोवंश चोरी की बढ़ती घटनाओं ने न केवल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी, बल्कि आमजन और गौ-सेवकों के बीच भारी आक्रोश और असंतोष की स्थिति पैदा कर दी थी। थाना गोपालगंज क्षेत्र में गोवंश चोरी के दो अलग-अलग मामले दर्ज होने के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया। पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार शहवाल के कड़े निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप के मार्गदर्शन में इस संवेदनशील मामले के खुलासे के लिए गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब एकता कॉलोनी के पास से फरियादी ध्रुव यादव की सफेद गाय चोरी हो गई। इसी दौरान गौ-रक्षा दल के कार्यकर्ता आशीष दुबे ने एक वायरल वीडियो पुलिस को सौंपा, जिसमें कुछ संदिग्ध आरोपी एक लाल बछड़े को जबरन ऑटो में भरकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे थे। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल निर्मित कर दिया था, जिसे देखते हुए पुलिस ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए दिन-रात एक कर दिए।
इस पूरे ऑपरेशन में सागर पुलिस कंट्रोल रूम की सीसीटीवी टीम ने रीढ़ की हड्डी की तरह काम किया। टीम के सदस्य आर.के.एस. चौहान और रेखा रजक ने शहर के विभिन्न रास्तों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा, जिसमें एक पीले-काले रंग का ऑटो, जिस पर विशिष्ट हरे रंग का स्टिकर लगा था, संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपियों के ठिकाने तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दबिश दी और तीन शातिर आरोपियों—कासिम कुरैशी (निवासी बाघराज वार्ड), शाहरुख कुरैशी और चाँद उर्फ दिलावर कुरैशी (दोनों निवासी राहतगढ़ बस स्टैंड) को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। माननीय न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को 12 मई 2026 तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने इस सफल कार्यवाही के लिए पूरी टीम की सराहना की है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि गोवंश चोरी जैसे संवेदनशील अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्यवाही में निरीक्षक घनश्याम शर्मा, उपनिरीक्षक नीरज जैन सहित पूरी पुलिस टीम और सीसीटीवी विंग के जवानों ने अपने सटीक समन्वय और तकनीकी कौशल का परिचय दिया, जिसकी शहर भर में प्रशंसा हो रही है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।







