टैक्स चोरी पर कार्रवाई नहीं, उदासीन अफसर, टे्रनों से रोज कटनी आ रहा करोड़ों का कच्चा माल, फिर भी नहीं की जा रही जांच, बड़े पैमाने पर कर अपवंचन की संभावना

कटनी, यशभारत। टे्रनों के माध्यम से हर दिन बिना जांच और टैक्स चुकाए करोड़ों रूपए का गुटखा पाऊच कटनी आ रहा है, इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग के अधिकारी कार्रवाई से परहेज कर रहे हैं। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है। पिछले दिनों यशभारत द्वारा खबर का प्रकाशन किए जाने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी कटनी पहुंचे थे, लेकिन जांच करने की बजाए केवल मौका-मुआयना कर वापस आ गए। इससे अधिकारियों की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि कटनी रेलवे जंक्शन में हर दिन दो सैकड़ा से अधिक टे्रनों का आवागमन होता है। इसमे उत्तरप्रदेश की ओर से आने वाली टे्रनों की संख्या भी अधिक है, जिसमे हर दिन करोड़ों रूपए माल कटनी आता है। इसमे गुटखा पाऊच के साथ ही अन्य सामग्री होती है। बिना जांच और टैक्स चुकाए माल के कटनी आने के बाद भी इस ओर संबंधित विभाग के अधिकारियों का ध्यान नहीं है। सूत्रों के मुताबिक कतिपय व्यापारियों द्वारा बिना टैक्स चुकाए कच्ची रसीद पर उत्तरप्रदेश से पान मसाला और गुटखा पाऊच बुलवाया जा रहा है और यहां इसकी डिलिवरी की जाती है।
मौके पर नहीं रहता कोई अधिकारी
कटनी जंक्शन के पार्सल ऑफिस में स्थिति यह है कि टे्रनों से माल उतरते समय रेलवे के कोई भी जिम्मेदार अधिकारी और पुलिस मौके पर जांच के लिए उपस्थित नहीं रहते, जिसका फायदा कतिपय व्यापारी उठा रहे हैं। नियमों की बात करें तो माल खरीदते समय टैक्स जमा किया जाना जरूरी है। टैक्स जमा नहीं किए जाने पर जीएसटी विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है, वैसे भी इस समय मार्च क्लोजिंग का समय चल रहा है। संबंधित विभाग के अधिकारी वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पहले अधिक से अधिक राजस्व वसूली के लिए प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में कटनी जंक्शन में दूसरे शहरों से आने वाले गुटखा पाऊच की जांच नहीं किया जाना आश्चर्यजनक है।
टैक्स चोरी में काम कर रहा बड़ा नेटवर्क
लोडर और पिकअप वाहनों के अलावा रिक्शा और ठिलिया में बिना जांच-पड़ताल किए माल की डिलवरी दी जा रही है। इस माल की बिलिंग और टैक्स को लेकर भी कोई जांच नहीं की जा रही थी। वाहन चालक मजदूरों को स्टेशन के अंदर ले जाकर माल की डिलिवरी लेते देखे गए। यह कोई एक दिन की बात नहीं है, हर रोज ऐसा ही होता है। जानकारों का कहना है कि टैक्स चोरी के लिए एक बड़ा नेटवर्क इसमे काम कर रहा है। इसमे व्यापारियों के साथ ही कतिपय ट्रांसपोर्टर्स और कुछ अन्य लोग शामिल है।







