मंडलाl जिले की नैनपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे पर जबलपुर में जमीन घोटाले के आरोप में FIR दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने यह कार्रवाई एजुकेशन सोसायटी के पूर्व चेयरमैन के साथ मिलकर की गई साजिश को लेकर की है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, यह मामला वर्ष 2022 से 2024 के बीच का है। उस समय हरि सिंह धुर्वे जबलपुर जिले की अधारताल तहसील में तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि दोनों ने मिलकर नगर निगम की ओर से शैक्षणिक कार्य के लिए रियायती दर पर लीज पर दी गई करीब 7,500 वर्गफुट सरकारी जमीन को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के अपने नाम कर लिया।
बिना अनुमति बनाया था अस्पताल
जांच में सामने आया है कि इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए है। इतना ही नहीं, नियमों को दरकिनार करते हुए नगर निगम की अनुमति के बिना शिक्षा विभाग की इसी भूमि पर अस्पताल का निर्माण भी करा दिया गया। और प्रशासन को इसके बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी तक नहीं लगी। निर्माण के पश्चाात जब जॉच की गई तो फर्जीवाडा का मामला सामने आया तब प्रशासन ने कदम उठाया।
शिकायत की जांच के बाद ईओडब्ल्यू जबलपुर ने तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे और पूर्व चेयरमैन के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 408 (आपराधिक विश्वासघात), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7-सी के तहत मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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