एआई से बदलेगा सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का तरीका, शिक्षकों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

एआई से बदलेगा सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का तरीका, शिक्षकों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
भोपाल यश भारत । मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्वरूप अब तेजी से बदलने जा रहा है। पारंपरिक ब्लैकबोर्ड और किताबों के साथ अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई आधारित तकनीक भी कक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। शिक्षण को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर पहल शुरू की है। इस पहल के तहत भोपाल में पीएम श्री और डायट संस्थानों से जुड़े 1040 से अधिक शिक्षक 14 अप्रैल से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं जो 30 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस दौरान शिक्षकों को 36 घंटे का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें वे एआई टूल्स के उपयोग और नई शिक्षण पद्धतियों और 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप पढ़ाने की तकनीक सीख रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वेबिनार , माइक्रो क्रेडेंशियल और डिजिटल लर्निंग जैसे आधुनिक तरीकों को भी शामिल किया गया है ताकि शिक्षक कक्षा में नवाचार कर सकें और विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को अधिक रोचक बना सकें। योजना के तहत प्रदेश के चयनित जिलों में 150 से अधिक एआई आधारित शोकेस स्कूल विकसित किए जाएंगे जो मॉडल के रूप में काम करेंगे। इन स्कूलों में स्मार्ट शिक्षण का नया ढांचा तैयार किया जाएगा। जिससे अन्य स्कूल भी प्रेरणा लेकर इसी दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। शिक्षाविदों के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल युग के लिए तैयार करना है। एआई आधारित शिक्षण से बच्चों की समझ बेहतर होगी और पढ़ाई अधिक इंटरैक्टिव बनेगी। साथ ही यह कदम सरकारी और निजी स्कूलों के बीच तकनीकी अंतर को कम करने में भी सहायक साबित हो सकता है।







