अन्नकूट और गोवर्धन पूजा का उल्लास, कई स्थानों पर मंगलवार को ही हुआ पूजन

जबलपुर यश भारत।दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव की पावन परंपरा के अनुसार शहर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। विशेष बात यह रही कि इस बार पंचांग भेद और स्थानीय परंपराओं के चलते कई श्रद्धालुओं और मंदिरों में मंगलवार, 21 अक्टूबर को ही गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव आयोजित किया गया, जबकि अधिकांश स्थानों पर आज बुधवार, 22 अक्टूबर को पर्व मनाया जा रहा है।
कृष्ण भक्ति में लीन रहा शहर
मंगलवार को ही ग्वारीघाट, अधारताल, रांझी, दमोहनाका सहित कई क्षेत्रों के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और गोवर्धन भगवान की पारंपरिक परिक्रमा, गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाकर पूजन, और अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया।
अन्नकूट महोत्सव में भगवान को सैकड़ों व्यंजन अर्पित कर उन्हें “छप्पन भोग” का रूप दिया गया। कई जगह संयुक्त भंडारे और प्रसादी वितरण का आयोजन भी हुआ। आज भी रहेगा पर्व का उल्लास
धार्मिक पंचांगों में भेद के कारण अन्नकूट और गोवर्धन पूजा आज बुधवार को भी मनाई जा रही है।
शहर के प्रमुख मंदिरों में आज विशेष झांकियां, भजन संध्या, और प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया।
गोवर्धन पूजा का महत्व
यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इन्द्रदेव के घमंड का दमन कर गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा पर आधारित है।
इस दिन प्रकृति पूजन, गौ-सेवा, और कृषि के प्रति आभार प्रकट करने की परंपरा है।मंदिरों में भव्य सजावट बच्चों ने श्रीकृष्ण व गोवर्धन पर्वत की झांकियां प्रस्तुत कीं जगह-जगह छप्पन भोग और भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं का कहना है कि अन्नकूट भोग और गोवर्धन पूजन जीवन में अन्न, प्रकृति और गौमाता के महत्व को समझने का अवसर देता है।।






