मेडिकल प्रमाणपत्र विवाद में चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस: वायरल वीडियो पर दी सफाई

सतना। जिला अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर हुए विवाद के मामले में सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा बयान जारी किया गया है। मामले में इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकेश सोनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सिविल सर्जन के अनुसार, जांच में यह तथ्य सामने आया है कि एक व्यक्ति अस्पताल से किसी विशेष प्रारूप में भर्ती हेतु फिटनेस प्रमाणपत्र मांग रहा था। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. सोनी ने व्यक्ति को समझाया कि वह इस प्रकार का प्रमाणपत्र किसी प्राइवेट डॉक्टर से भी बनवा सकते हैं, क्योंकि वह उस समय इमरजेंसी ड्यूटी में व्यस्त थे।
व्यक्ति ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्राइवेट डॉक्टर 500 रुपये फीस मांगते हैं। इस पर डॉ. सोनी ने जवाब दिया कि यह संबंधित डॉक्टर पर निर्भर करता है कि वह कितनी फीस लेते हैं।घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, लेकिन सिविल सर्जन का कहना है कि वायरल वीडियो में केवल आंशिक बातचीत है, जिससे पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं हो रहा। जारी बयान में कहा गया कि वीडियो में यह भी साफ देखा जा सकता है कि डॉ. सोनी द्वारा किसी भी प्रकार की रिश्वत या शुल्क की मांग नहीं की गई है।
हालांकि, डॉ. लोकेश सोनी को ड्यूटी के दौरान संवेदनशील व्यवहार बरतने की हिदायत दी गई है और भविष्य के लिए उन्हें सतर्क किया गया है।






