कान्हा पार्क में अब सफारी हुई 10 प्रतिशत और महंगी : बफर जोन में नाइट सफारी के 1900 रु. लगेंगे; कोर एरिया 30 सितंबर तक बंद

मण्डला lकान्हा नेशनल पार्क के कोर एरिया में 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटन बंद रहेगा। बाघों के लिए अनुकूल आवास वाले इस पार्क में मानसून के दौरान रास्ते और लकड़ी के पुल क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे सफारी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाएगी। 2052 वर्ग किलोमीटर में फैले इस टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को बिना किसी बाधा के विचरण का मौका मिलेगा।
नया पर्यटन सीजन 1 अक्टूबर से शुरू होगा। इस बार प्रवेश शुल्क में 10% की वृद्धि होगी। कोर एरिया की बंदी से स्थानीय गाइड, जीप चालक और दुकान संचालकों की आजीविका प्रभावित होगी। हालांकि, बफर जोन में पर्यटन जारी रहेगा। खटिया, खापा और सिझौरा में सुबह-शाम सीमित वाहनों को अनुमति मिलेगी। जिसकी सुबह की फीस 1370 और रात की 1900 लागू हो गई हैं। बफर जोन में भी पर्यटक बाघ, तेंदुआ, गौर, चीतल और सांभर देख सकेंगे।
पार्क में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2023-24 में कोर एरिया में 1,95,877 पर्यटक आए। इनमें 1,78,538 देशी और 17,339 विदेशी पर्यटक शामिल थे। बफर जोन में 45,452 पर्यटक पहुंचे। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 25 जून तक कोर एरिया में 1,97,146 और बफर जोन में 54,726 पर्यटक आ चुके हैं। बता दें कि सफारी फीस के अलावा वाहन का 3000 और गाइड का चार्ज अलग से रहता है। दो श्रेणी के गाइड में से आप किसी को भी चुन सकते हैं। जी 1 श्रेणी का चार्ज 480 रुपए और जी 2 का 600 रुपए है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में, कोर जोन वह क्षेत्र है जो पार्क का सबसे भीतरी और संरक्षित हिस्सा है। इसमें कान्हा, किसली, मुक्की और सरही जोन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बहुत सख्ती से किया जाता है। बफर जोन, कोर जोन को घेरे हुआ वन क्षेत्र है, यहां गांव भी है। इसलिए बफर मानवीय गतिविधियों और प्रकृति संरक्षण का मिश्रण होता है।







