
नई दिल्ली, यश भारत। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम निर्देश जारी किए। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को जांच प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में एक फॉरेंसिक ऑडिटर (चार्टर्ड अकाउंटेंट) को पांचवें सदस्य के रूप में शामिल करने का आदेश दिया है। साथ ही एसआईटी को दो सप्ताह के भीतर अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि मामले की जांच के लिए आईजीपी किरण एस की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। इस पर अदालत ने कहा कि चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए एक फॉरेंसिक ऑडिटर को भी टीम में शामिल किया जाना आवश्यक है।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। अदालत ने एसआईटी से जांच की प्रगति, साक्ष्यों के संग्रह और अब तक की कार्रवाई का विस्तृत विवरण दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत करने को कहा है।







