हाई कोर्ट से यासीन मछली और अमन दाहिया को जमानत
ड्रग तस्करी मामले में क्राइम ब्रांच की कार्रवाई पर सवाल

हाई कोर्ट से यासीन मछली और अमन दाहिया को जमानत
ड्रग तस्करी मामले में क्राइम ब्रांच की कार्रवाई पर सवाल
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ड्रग तस्करी के एक बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों— यासीन मछली और अमन दाहिया को सशर्त जमानत दे दी है। जस्टिस पीके अग्रवाल की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया।
जमानत देते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को हर महीने की 10 और 25 तारीख को संबंधित थाने में अनिवार्य रूप से हाजिरी देने का निर्देश दिया है।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई सवालों के घेरे में:
यह मामला भोपाल क्राइम ब्रांच द्वारा जुलाई 2025 में की गई गिरफ्तारी से जुड़ा है। क्राइम ब्रांच ने सैफुद्दीन उर्फ आशु उर्फ शाहरुख के एक कथित मेमोरेंडम के आधार पर यासीन और अमन को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों की ओर से अदालत में यह स्पष्ट किया गया कि जिस सैफुद्दीन के बयान के आधार पर दोनों को आरोपी बनाया गया, उसके कथन में यासीन या अमन में से किसी का भी नाम नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण, क्राइम ब्रांच दोनों ही आरोपियों के पास से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं कर पाई।
पंचनामा में ‘टाइपिंग मिस्टेक’ पर एसआई ने मांगी माफी:
मामले की सुनवाई के दौरान क्राइम ब्रांच की एक बड़ी लापरवाही सामने आई। मादक पदार्थ के पंचनामे में गलत तारीख 20 जुलाई 2025 दर्ज थी। इस पर अदालत ने सख्ती दिखाते हुए क्राइम ब्रांच के एसआई नितिन कुमार पटेल को तलब किया।
एसआई पटेल ने अदालत में हाजिर होकर माना कि यह तारीख टाइपिंग मिस्टेक के कारण दर्ज हो गई थी, जबकि वास्तविक तारीख 23 जुलाई 2025 है। उन्होंने अपनी गलती स्वीकारते हुए अदालत से बिना शर्त माफी मांगी।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, विशेषकर आरोपियों के पास से कोई मादक पदार्थ न मिलने और गिरफ्तारी के आधार (मेमोरेंडम) में उनका नाम न होने के तर्क को मजबूत पाते हुए हाई कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी है।







